रोनाल्डो की रिकॉर्ड की तलाश और इंग्लैंड का जोश: बदल रहा है वर्ल्ड कप का परिदृश्य
वर्ल्ड कप भविष्यवाणियां: पुर्तगाल बनाम डीआर कांगो, इंग्लैंड बनाम क्रोएशिया और अन्य
जैसे-जैसे दुनिया की नजरें अमेरिका पर टिकी हैं, पुर्तगाल और इंग्लैंड बुधवार के मुकाबलों के साथ अपने अभियान की शुरुआत कर रहे हैं, जो हाई-प्रोफाइल प्रतिद्वंद्विता और उलटफेर की उम्मीदों से भरे हैं।
वर्ल्ड कप की तीव्रता इस बुधवार को एक नए स्तर पर पहुंच गई है, क्योंकि टूर्नामेंट के दिग्गज दावेदार आखिरकार मैदान में उतर चुके हैं। जहां फैंस अभी भी कल के फीफा वर्ल्ड कप मैच के रोमांच की चर्चा कर रहे हैं, वहीं अब ध्यान नए खिलाड़ियों और दिग्गजों दोनों पर केंद्रित हो गया है। हमेशा सुर्खियों में रहने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक और स्कोरिंग रिकॉर्ड बनाने की तलाश में हैं, क्योंकि पुर्तगाल ग्रुप K में डीआर कांगो के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत कर रहा है। 'लेपर्ड्स' (डीआर कांगो) के लिए चुनौती बहुत बड़ी है; दुनिया में 45वें नंबर की यह टीम ऐसे मैच में उतर रही है जहां सट्टेबाज और एल्गोरिदम दोनों ही यूरोपीय दिग्गजों को भारी समर्थन दे रहे हैं।
दूसरी ओर, इंग्लैंड और क्रोएशिया ग्रुप L में अपनी पुरानी और चर्चित प्रतिद्वंद्विता को फिर से ताजा करने के लिए तैयार हैं। इस सदी में किसी बड़े टूर्नामेंट में यह उनकी चौथी भिड़ंत है, जिस पर 2018 के सेमीफाइनल में मिली हार का दर्द अब भी भारी है। थॉमस ट्यूशेल की टीम पर पूरे देश की उम्मीदों का दबाव है, और उनका सामना ऐसी क्रोएशियाई टीम से है जो हाल के मैचों में रक्षात्मक रूप से संघर्ष करने के बावजूद अपनी रणनीतिक चतुराई से खेल बिगाड़ने का माद्दा रखती है।
आंकड़ों का खेल
इन मुकाबलों से पहले डेटा-आधारित भविष्यवाणियों का बोलबाला रहा है। ओप्टा (Opta) के सिमुलेशन पुर्तगाल के लिए अपेक्षाकृत आसान राह का संकेत देते हैं, जिसमें उनकी जीत की संभावना 54.6 प्रतिशत बताई गई है। हालांकि, डीआर कांगो के पास 23.1 प्रतिशत उलटफेर की संभावना है, जो टूर्नामेंट के फुटबॉल को इतना अनिश्चित बनाती है। वहीं, इंग्लैंड की जीत की संभावना 55.9 प्रतिशत आंकी गई है। विश्लेषक हैरी केन और बुकायो साका पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, जिनकी कमजोर क्रोएशियाई डिफेंस को भेदने की क्षमता ही ग्रुप L की स्थिति तय करेगी।
टूर्नामेंट का विस्तार भी देखने को मिल रहा है। घाना का सामना टोरंटो स्टेडियम में पनामा से होगा, जहां दोनों टीमें ग्रुप में आगे बढ़ने के लिए शुरुआती अंक हासिल करने की कोशिश करेंगी। देर रात, कोलंबिया का मुकाबला मेक्सिको सिटी में वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रहे उज्बेकिस्तान से होगा, जो उत्तर अमेरिका के विभिन्न शहरों में हो रहे मैचों के कारण प्रशंसकों के धैर्य की भी परीक्षा लेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यहां सबसे बड़ा रुझान स्थापित फुटबॉल शक्तियों और उभरते हुए देशों के बीच कम होता अंतर है। हम एक ऐसा टूर्नामेंट देख रहे हैं जहां 'सुपरकंप्यूटर' द्वारा पसंदीदा माने जा रहे पुर्तगाल और इंग्लैंड को उन टीमों के खिलाफ अपनी साख साबित करनी पड़ रही है, जिनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। छोटी टीमों के लिए, किसी दिग्गज के खिलाफ एक अंक हासिल करना, जैसा कि डीआर कांगो ने पुर्तगाल के खिलाफ किया था, सिर्फ एक परिणाम नहीं है; यह खेल की शक्ति के समीकरणों में एक ऐतिहासिक बदलाव है। ये शुरुआती ग्रुप चरण अब महज औपचारिकताएं नहीं हैं; ये वह कसौटी हैं जहां 2026 वर्ल्ड कप की कहानी लिखी जा रही है।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।