रोनाल्डो का मील का पत्थर और एक रोमांचक अंत: पुर्तगाल, स्पेन और स्विट्जरलैंड वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में पहुंचे
रोनाल्डो और पुर्तगाल ने स्पेन और स्विट्जरलैंड के साथ वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई, तस्वीरों में देखें अन्य मुख्य अंश
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपना पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट गोल दागा, जिससे पुर्तगाल ने क्रोएशिया के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल कर टूर्नामेंट के दिग्गजों के साथ अगले दौर में जगह बनाई।
टोरंटो के BMO फील्ड में माहौल बेहद तनावपूर्ण था, जो किसी करियर के निर्णायक क्षण जैसा महसूस हो रहा था। अपने छठे वर्ल्ड कप में, 41 साल की उम्र में, क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आखिरकार नॉकआउट चरण में अपना गोल का सूखा खत्म किया। उन्होंने पेनल्टी को गोल में बदलकर पुर्तगाल को क्रोएशिया के खिलाफ जीत दिलाई। यह एक बेहद नाटकीय रात थी, जो 2-1 की जीत के साथ समाप्त हुई। अब सोमवार को अर्लिंग्टन के AT&T स्टेडियम में राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और स्पेन के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
बारीक अंतर का मुकाबला
यह मुकाबला वर्ल्ड कप के उन क्लासिक मैचों में से था, जिसमें अंतिम सीटी बजने तक उतार-चढ़ाव जारी रहा। 53वें मिनट में इवान पेरिसिच के गोल से क्रोएशिया ने बढ़त बनाई और पुर्तगाल दबाव में आ गया। हालांकि, रेनाटो वेइगा के खिलाफ बॉक्स में फाउल होने के बाद खेल बदल गया। रोनाल्डो ने पेनल्टी ली और उसे गोल में बदल दिया। हालांकि, 81वें मिनट में सब्स्टीट्यूट किए जाने पर उनकी निराशा साफ झलक रही थी, जो दोनों टीमों के बीच के तनाव को दर्शाती थी।
असली ड्रामा इंजरी टाइम में हुआ। 94वें मिनट में राफेल लियाओ के शानदार क्रॉस पर गोंकालो रामोस ने हेडर से गोल कर पुर्तगाल को बढ़त दिलाई। इसके बाद, अतिरिक्त समय के 13वें मिनट में क्रोएशिया ने बराबरी का गोल करने का दावा किया, लेकिन VAR चेक में ऑफसाइड पाए जाने के बाद गोल रद्द कर दिया गया। क्रोएशियाई कप्तान लुका मोड्रिच के लिए यह अंतिम सीटी उनके शानदार वर्ल्ड कप सफर का संभावित अंत हो सकती है, जिसे मैच के बाद रोनाल्डो के साथ उनके भावुक गले मिलने के दृश्य ने और भी यादगार बना दिया।
यूरोपीय दिग्गजों का दबदबा
जहां पुर्तगाल की राह मुश्किलों भरी रही, वहीं स्पेन ने इंगलवुड, कैलिफोर्निया में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया। 2010 की चैंपियन टीम पूरी तरह से खिताब की दावेदार नजर आई। वैंकूवर में, स्विट्जरलैंड ने भी अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की की। 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी जोहान मंज़ाम्बी इस जीत के सूत्रधार रहे, जिन्होंने ब्रेल एम्बोलो के पहले गोल में मदद की और फिर डैन एनडोये ने दूसरा गोल कर जीत सुनिश्चित की।
यह क्यों मायने रखता है: बदलता हुआ परिदृश्य
राउंड ऑफ 32 ने यह याद दिलाया है कि जीत और हार के बीच कितना बारीक अंतर होता है। अल्जीरिया के बाहर होने के बाद मोरक्को एकमात्र अफ्रीकी टीम बची है, जो टूर्नामेंट के अंतिम चरणों में गैर-यूरोपीय टीमों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि पुर्तगाल, स्पेन और स्विट्जरलैंड की जीत ने एक रोमांचक नॉकआउट चरण की नींव रखी है, जहां अनुभव का मुकाबला उभरती हुई टीमों के अनुशासित खेल से होगा। पुर्तगाल के लिए अब चुनौती बड़ी है: उन्हें 6 जुलाई को अनुशासित स्पेनिश टीम को हराने के लिए अपनी रक्षा पंक्ति को मजबूत करना होगा और रोनाल्डो के अंतिम अभियान के भावनात्मक दबाव को संभालना होगा।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।