रोनाल्डो ने 60 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, पुर्तगाल ने उज्बेकिस्तान को रौंदा
रोनाल्डो का 60 साल का इंतजार खत्म, पुर्तगाल के लिए वर्ल्ड कप का नया रिकॉर्ड बनाया
उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो बेहतरीन गोल ने इस दिग्गज फॉरवर्ड को इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया है, जो फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उनकी छठी उपस्थिति को और भी खास बनाता है।
1966 की यादें आखिरकार पीछे छूट गईं। छह दशकों तक, फीफा वर्ल्ड कप में पुर्तगाल के लिए यूसेबियो के नौ गोल का आंकड़ा एक स्वर्ण मानक बना हुआ था, जिसे आधुनिक युग में छूना लगभग असंभव माना जाता था। मंगलवार रात ह्यूस्टन में यह बदल गया। टूर्नामेंट के पहले मैच में खराब प्रदर्शन के बाद बढ़ते दबाव का सामना कर रहे क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी पोजीशनिंग और फिनिशिंग के दम पर उज्बेकिस्तान की डिफेंस की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत गोलों की संख्या को दस तक पहुंचाकर पुर्तगाल के निर्विवाद वर्ल्ड कप आइकन के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
मैच की शुरुआत में पुर्तगाल डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 के निराशाजनक ड्रॉ से उबरने की कोशिश कर रहा था। आलोचक रॉबर्टो मार्टिनेज की रणनीति और पिछले मैच में कई मौके गंवाने के बाद रोनाल्डो की फॉर्म पर सवाल उठा रहे थे। लेकिन मैच शुरू होने के छह मिनट के भीतर ही कहानी बदल गई। जब जोआओ कैंसिलो ने एक लो क्रॉस दिया, तो रोनाल्डो की मूवमेंट पुरानी यादें ताजा करने वाली थी—उन्होंने अपने मार्कर से दूर हटकर एक शानदार फ्लिक के साथ गेंद को नेट में डाल दिया।
उस पहले गोल का दोहरा महत्व था: इसने पुर्तगाल को जरूरी बढ़त दिलाई और रोनाल्डो को छह अलग-अलग वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में गोल करने वाला इतिहास का पहला खिलाड़ी बना दिया। वह पहले ही पांच टूर्नामेंट में गोल का रिकॉर्ड बना चुके थे; अब उन्होंने इसे और आगे बढ़ा दिया है। जब नूनो मेंडेस ने सेट-पीस से दूसरा गोल किया, तो मैच पर पूरी तरह यूरोपीय टीम का दबदबा बन चुका था, और रोनाल्डो अभी रुकने वाले नहीं थे।
रिकॉर्ड तोड़ने वाला पल
मैच का निर्णायक पल हाफ-टाइम से ठीक पहले आया। मिडफील्ड में खेल को नियंत्रित कर रहे ब्रूनो फर्नांडीस ने उज्बेकिस्तान की डिफेंस लाइन के बीच से एक सटीक पास निकाला। रोनाल्डो ने खाली जगह को भांपते हुए अपनी दौड़ को सही समय दिया और गेंद को कोने में गोल कर दिया। यह वर्ल्ड कप के मंच पर उनका दसवां गोल था, जिसने आधिकारिक तौर पर यूसेबियो के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और 5-0 की एकतरफा जीत पर मुहर लगा दी।
इस ऐतिहासिक रात के बावजूद, पुर्तगाल कैंप का माहौल अभी भी जटिल बना हुआ है। स्टेडियम के बाहर फुटबॉल से ज्यादा चर्चा मैदान के बाहर की बातों की हो रही है, जिसमें विवादित एंथम रिलीज से लेकर सेलिब्रिटी किस्सों तक सोशल मीडिया पर हलचल मची है। मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी रोनाल्डो सतर्क दिखे। उन्होंने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेसी से जुड़े सवालों को यह कहकर टाल दिया कि "अगला सवाल पूछें," जिससे साफ है कि उनका पूरा ध्यान आगामी टूर्नामेंट पर है।
यह क्यों मायने रखता है
वैश्विक खेल के नजरिए से देखें तो यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है। करियर के इस पड़ाव पर भी दबाव के बीच खुद को ढालने और प्रदर्शन करने की रोनाल्डो की क्षमता एलीट स्तर पर लंबी उम्र के महत्व को दर्शाती है। ऐसे टूर्नामेंट में जहां इंग्लैंड और घाना जैसे हाई-प्रोफाइल मैचों में अनुशासित डिफेंस को तोड़ना मुश्किल साबित हो रहा है, वहां रोनाल्डो की दक्षता एक बड़ा अंतर पैदा करती है।
बड़ी तस्वीर यह है कि पुर्तगाल अब एक ऐसी टीम दिख रही है जो अपने शुरुआती झटकों से बाहर निकल चुकी है। क्या यह लय उन्हें फाइनल तक ले जाएगी, यह रॉबर्टो मार्टिनेज के लिए अगला सवाल है, लेकिन फिलहाल रिकॉर्ड फिर से लिखे जा चुके हैं। जबकि फैंस टूर्नामेंट के अन्य मुकाबलों—जैसे पनामा बनाम क्रोएशिया—पर नजर बनाए हुए हैं, लिस्बन की सुर्खियों में उनके कप्तान की यह ऐतिहासिक उपलब्धि छाई रहेगी।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।