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2027 की राह: BCCI ने ODI वर्ल्ड कप अभियान के लिए 20 खिलाड़ियों का कोर ग्रुप चुना

ODI वर्ल्ड कप 2027: किसे मिली जगह और कौन हुआ बाहर? BCCI ने 20 खिलाड़ियों को किया शॉर्टलिस्ट; क्या सूर्यकुमारवंशी का नाम है शामिल?

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 12 जून 2026· 3 मिनट पढ़ें
2027 की राह: BCCI ने ODI वर्ल्ड कप अभियान के लिए 20 खिलाड़ियों का कोर ग्रुप चुना
2027 की राह: BCCI ने ODI वर्ल्ड कप अभियान के लिए 20 खिलाड़ियों का कोर ग्रुप चुना

भारतीय चयन समिति ने 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए 20 खिलाड़ियों की एक प्रारंभिक टीम को अंतिम रूप दे दिया है, जिसमें मौजूदा T20 प्रयोगों के बजाय अनुभवी खिलाड़ियों और फिटनेस को प्राथमिकता दी गई है।

अगले विश्व खिताब की तलाश ने आधिकारिक तौर पर रफ्तार पकड़ ली है। BCCI मुख्यालय में बंद कमरों में हुई बैठक में चयनकर्ताओं ने अटकलों के दौर को पीछे छोड़ते हुए 20 क्रिकेटरों का एक कोर ग्रुप तैयार किया है, जिन्हें आगामी ODI वर्ल्ड कप में भारत के अभियान का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2027 के बीच दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट के लिए चुनी गई यह टीम हाल के दिनों में हावी रहे छोटे फॉर्मेट के खेल से बिल्कुल अलग रणनीति को दर्शाती है।

चयन का आधार

इस बैठक का सबसे अहम फैसला युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखना है। हालांकि T20 क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन ने सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि 50 ओवर का फॉर्मेट अलग तरह की तकनीकी दक्षता की मांग करता है। संदेश साफ है: ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप सहनशक्ति और तकनीक की एक ऐसी परीक्षा है जिसे केवल T20 फॉर्म के दम पर पास नहीं किया जा सकता।

इस टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और भरोसेमंद मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाजों का मिश्रण है। रोहित शर्मा, शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल शीर्ष क्रम की कमान संभालेंगे, जबकि विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और ऋतुराज गायकवाड़ मिडिल-ऑर्डर की रीढ़ होंगे। विकेटकीपिंग विभाग में केएल राहुल पहली पसंद बने हुए हैं, जबकि ध्रुव जुरेल और ईशान किशन बैकअप के रूप में मौजूद हैं।

तेज गेंदबाजी की जरूरतों पर संतुलन

दक्षिण अफ्रीका की पिचें अपनी उछाल और मूवमेंट के लिए जानी जाती हैं, और इसी वास्तविकता ने इस 20 सदस्यीय टीम के चयन को प्रभावित किया है। बोर्ड ने तेज गेंदबाजी पर केंद्रित आक्रमण को चुना है, जिसमें जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज शामिल हैं, जिन्हें हर्षित राणा और प्रिंस यादव का साथ मिलेगा। स्पिन विकल्पों को सीमित रखा गया है, जिसमें कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को उन पिचों के लिए चुना गया है जहां टर्न हमेशा मददगार नहीं होती।

ऑलराउंडर श्रेणी में हार्दिक पांड्या और नितीश रेड्डी को तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में रखा गया है, जबकि वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका निभाएंगे। यह संरचना बताती है कि चयनकर्ता ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयारी कर रहे हैं जहां गति और उछाल मुख्य हथियार होंगे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

20 खिलाड़ियों के इस पूल में बदलाव चयन प्रक्रिया को पेशेवर बनाने की दिशा में एक कदम है। इन खिलाड़ियों को सीधे BCCI की मेडिकल टीम की निगरानी में रखकर, बोर्ड चोटों के कारण होने वाली उन समस्याओं को कम करने की कोशिश कर रहा है जिन्होंने पिछले अभियानों को प्रभावित किया था।

यह केवल नाम चुनने के बारे में नहीं है; यह एक मजबूत टीम तैयार करने के बारे में है। इस कोर ग्रुप की पहचान सालों पहले करके, BCCI ने संकेत दिया है कि ODI वर्ल्ड कप के लिए चयन प्रक्रिया योग्यता पर आधारित लेकिन सख्त होगी। ये 20 खिलाड़ी अब सीधे तौर पर निगरानी में हैं: उनके फिटनेस स्तर और प्रदर्शन के आंकड़ों पर हर दिन नजर रखी जाएगी। इस ग्रुप में कोई भी जगह तभी भरी जाएगी जब कोई खिलाड़ी लंबे फॉर्मेट के खेल के लिए अपनी तकनीकी तैयारी साबित कर सके, ताकि जब टीम दक्षिण अफ्रीका पहुंचे, तो वे न केवल प्रतिभाशाली हों, बल्कि शारीरिक और रणनीतिक रूप से पूरी तरह तैयार हों।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।