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बढ़ती ऊर्जा लागत: जून 2026 में भारत के प्रमुख शहरों में LPG और PNG की नई दरें

LPG, PNG कीमतें 6 जून 2026: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम जानें

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्कप्रकाशित 6 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
बढ़ती ऊर्जा लागत: जून 2026 में भारत के प्रमुख शहरों में LPG और PNG की दरें
बढ़ती ऊर्जा लागत: जून 2026 में भारत के प्रमुख शहरों में LPG और PNG की दरें

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के दबाव और घरेलू स्तर पर भारी 'अंडर-रिकवरी' के चलते इस महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।

6 जून 2026 तक, देश भर के आम नागरिक और कारोबारी ऊर्जा दरों में लगातार हो रहे बदलावों के बाद ईंधन की कीमतों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 1 जून को कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है, जिसमें क्षेत्र के आधार पर 42 रुपये से लेकर 53 रुपये तक का इजाफा हुआ है। यह बदलाव ऊर्जा क्षेत्र में जारी अस्थिरता का परिणाम है, जो पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण और बढ़ गई है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है।

कमर्शियल और घरेलू कीमतों का विवरण

छोटे व्यवसायों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए हालिया मूल्य वृद्धि का असर काफी अधिक है। 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर अब दिल्ली में 3,113.50 रुपये, जबकि मुंबई में 3,067.50 रुपये में मिल रहा है। अन्य प्रमुख शहरों में दरें और अधिक हैं, जिनमें बेंगलुरु में 3,198 रुपये, चेन्नई में 3,283 रुपये, कोलकाता में 3,255.50 रुपये और हैदराबाद में 3,367 रुपये प्रति सिलेंडर है। इसके विपरीत, घरेलू 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि बाजार के जानकारों का मानना है कि CNG और कमर्शियल ईंधन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।

फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर (5 किलो) की कीमतों में भी बदलाव हुआ है, और 11 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत अब 821.50 रुपये हो गई है। वहीं, विभिन्न शहरों में PNG की कीमतें अलग-अलग स्तरों पर स्थिर हैं; दिल्ली में उपभोक्ता 47.9 रुपये प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) का भुगतान कर रहे हैं, जबकि बेंगलुरु और हैदराबाद में यह दर क्रमशः 52 और 51 रुपये प्रति SCM है।

अंडर-रिकवरी की चुनौती

इन क्रमिक मूल्य वृद्धियों के बावजूद, पेट्रोलियम मंत्रालय ने संकेत दिया है कि OMCs पर वित्तीय बोझ अभी भी गंभीर बना हुआ है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हाल ही में बताया कि घरेलू LPG सिलेंडर पर प्रति यूनिट लगभग 700 रुपये की 'अंडर-रिकवरी' बनी हुई है। इसे कम करने के लिए, सरकार आयात पर निर्भरता घटाने हेतु घरेलू LPG उत्पादन को तेज करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जून की शुरुआत के आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 54 TMT LPG का उत्पादन स्वदेशी स्रोतों से किया गया है, जो वैश्विक मूल्य उतार-चढ़ाव के प्रभाव को स्थानीय बाजार पर कम करने के लिए एक रणनीतिक कदम है।

CNG के रुझान और भविष्य का दृष्टिकोण

ऊर्जा मूल्य का यह चक्र केवल LPG तक सीमित नहीं है। मई के मध्य से अब तक कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी हुई है, जो कुल मिलाकर 6 रुपये प्रति किलो का इजाफा है। राजधानी में, इसके चलते CNG की दरें 83.09 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। उद्योग विश्लेषकों का सुझाव है कि OMCs द्वारा किए जा रहे ये आवधिक समायोजन मार्जिन के दबाव को संतुलित करने का एक प्रयास हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं पर अचानक भारी महंगाई का बोझ न पड़े। चूंकि वैश्विक बाजार पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर संवेदनशील बने हुए हैं, इसलिए उद्योग जगत हाई-अलर्ट पर है, जिससे कमर्शियल और आवासीय उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा खर्च पर लगातार नजर रखना आवश्यक हो गया है।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क
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पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क पूरे भारत से सत्यापित, स्रोत-आधारित राजनीतिक समाचार और विश्लेषण प्रस्तुत करता है।