RBI मौद्रिक नीति बैठक: गवर्नर संजय मल्होत्रा आज ब्याज दरों पर लेंगे बड़ा फैसला
RBI मौद्रिक नीति बैठक जून 2026 LIVE: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज रेपो रेट और अन्य मौद्रिक नीतिगत फैसलों की घोषणा करेंगे

जैसे-जैसे केंद्रीय बैंक अपनी तीन दिवसीय समीक्षा बैठक पूरी कर रहा है, वैश्विक अस्थिरता और मुद्रा के दबाव के बीच बाजार को ब्याज दरों पर स्पष्टता का इंतजार है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आज, 5 जून को तीन दिनों की गहन समीक्षा के बाद अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाने के लिए तैयार है। निवेशक, कॉर्पोरेट जगत के दिग्गज और आम लोग इस पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसके बाद दोपहर 12 बजे एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। वित्त वर्ष 2026-27 की यह दूसरी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति बैठक है, जो जटिल वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच आयोजित की जा रही है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच उम्मीदें
हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रह सकता है, लेकिन बाजार का एक वर्ग अचानक बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहा है। यह अनिश्चितता मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण है, जिसने कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया है। ऊर्जा की इन कीमतों में बदलाव और मानसून पर अल-नीनो जैसे प्रतिकूल मौसम के संभावित असर ने महंगाई प्रबंधन को समिति के एजेंडे में सबसे ऊपर ला दिया है।
पिछले एक साल में भारतीय रुपये पर काफी दबाव रहा है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10% से अधिक गिर चुका है। इसके बावजूद, गवर्नर मल्होत्रा ने हाल ही में संकेत दिया था कि मुद्रा का मूल्य वर्तमान में कम आंका गया है, जिसका प्रमाण अप्रैल में दशक के निचले स्तर पर पहुंचा 'रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट' है। जहां कुछ उभरते बाजारों ने अपनी मुद्रा को बचाने के लिए आक्रामक रूप से दरें बढ़ाई हैं, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि RBI अपने महंगाई को नियंत्रित करने के लक्ष्य और विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप के बीच अंतर बनाए रखेगा।
क्षेत्रीय उम्मीदें और आर्थिक स्थिरता
रियल एस्टेट सेक्टर, जिसने पिछली तिमाहियों में उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है, स्थिरता की उम्मीद कर रहा है। स्टर्लिंग डेवलपर्स के रमानी शास्त्री सहित उद्योग के दिग्गजों का कहना है कि घर खरीदारों का भरोसा बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में स्थिरता बहुत जरूरी है। केंद्रीय बैंक का सकारात्मक रुख आवास की मांग में मौजूदा तेजी को बरकरार रखेगा और बुनियादी ढांचे व निर्माण क्षेत्र में परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करेगा।
ब्याज दर के फैसले के अलावा, बाजार केंद्रीय बैंक के महंगाई के अनुमानों और नीतिगत मार्गदर्शन को समझने के लिए उत्सुक है। इस बदलते आर्थिक परिदृश्य में मूल्य स्थिरता और विकास के बीच संतुलन बनाना RBI के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। MPC चाहे यथास्थिति बनाए रखे या महंगाई के जोखिमों को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाए, आज की घोषणा आने वाले महीनों के लिए कर्ज की लागत, लोन की EMI और कॉर्पोरेट विस्तार योजनाओं के लिए एक बेंचमार्क तय करेगी।
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