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धर्मशाला में बारिश से बाधित रोमांचक मुकाबला: लंबे इंतजार के बाद गिल ने भारत को दिलाई जीत

बारिश के कारण भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले वनडे मैच की शुरुआत में हुई देरी

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 17 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
धर्मशाला में बारिश से बाधित रोमांचक मुकाबला: लंबे इंतजार के बाद गिल ने भारत को दिलाई जीत
धर्मशाला में बारिश से बाधित रोमांचक मुकाबला: लंबे इंतजार के बाद गिल ने भारत को दिलाई जीत

लगातार बारिश के कारण पहले वनडे में चार घंटे की देरी हुई, लेकिन शुभमन गिल की शानदार 84 रनों की पारी ने भारत को अफगानिस्तान पर सात विकेट से जीत दिलाई।

धर्मशाला का खूबसूरत HPCA स्टेडियम, जो अक्सर हिमालयी बादलों के छा जाने पर आयोजकों के लिए मुसीबत बन जाता है, शनिवार को अपनी इसी अनिश्चित छवि पर खरा उतरा। लगातार बारिश और आंधी-तूफान के 'ऑरेंज अलर्ट' ने ग्राउंड स्टाफ को घंटों सुपर-सॉपर के साथ व्यस्त रखा, जिससे भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले वनडे की शुरुआत में लंबा इंतजार करना पड़ा। जब मौसम खेल शुरू करने लायक हुआ, तब तक मैच को घटाकर 25-25 ओवर का कर दिया गया था।

एक सधी हुई जीत

जब खेल शुरू हुआ, तो परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी रहीं, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम ने गजब का संयम दिखाया। 194 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला और महज 66 गेंदों में 84 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को जीत की राह दिखाई। हालांकि रोहित शर्मा रन-आउट होकर जल्दी पवेलियन लौट गए, लेकिन केएल राहुल के साथ गिल की साझेदारी—जिसमें राहुल ने 19 गेंदों में तीन छक्के और चार चौके जड़कर तेजी से रन बनाए—ने सुनिश्चित किया कि भारत 13 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर ले।

इस जीत की नींव युवा गेंदबाजी आक्रमण ने रखी। जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को आराम दिए जाने और विराट कोहली के चोटिल होने के कारण टीम प्रबंधन ने नई पीढ़ी को मौका दिया। पदार्पण कर रहे गुरनूर बरार और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः 3-27 और 3-47 विकेट लिए। अफगान मध्यक्रम को ढहाने में उनकी भूमिका अहम रही, खासकर तब जब रहमानुल्लाह गुरबाज 51 गेंदों में 102 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच को भारत की पकड़ से दूर ले जाने की कोशिश कर रहे थे।

यह जीत क्यों मायने रखती है

यह सीरीज केवल दो देशों के बीच का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत की दीर्घकालिक योजना की आधिकारिक शुरुआत है। कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे दिग्गजों की अनुपस्थिति में प्लेइंग इलेवन के साथ किए गए प्रयोग चयनकर्ताओं के स्पष्ट इरादे को दर्शाते हैं कि वे टीम की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत करना चाहते हैं। छोटे फॉर्मेट के दबाव में बरार और दुबे जैसे युवाओं का आगे आना प्रबंधन को भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करने का जरूरी डेटा देता है।

इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और अब कारवां लखनऊ और चेन्नई की ओर बढ़ेगा। अफगानिस्तान के लिए गुरबाज का प्रदर्शन एक सकारात्मक पहलू रहा, लेकिन उनके निचले क्रम की कमजोरी एक ऐसी चिंता है जिसे उन्हें बुधवार को होने वाले दूसरे वनडे से पहले दूर करना होगा। हालांकि मौसम ने खेल में काफी बाधा डाली, लेकिन इस मैच ने साबित कर दिया कि छोटे फॉर्मेट में भी भारतीय टीम की गहराई एक निर्णायक और विजयी रूप ले रही है।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।