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पुणे मॉल में हंगामा: 'कॉकटेल 2' के प्रमोशन के दौरान बेकाबू हुई भीड़, कृति सेनन ने रश्मिका को बचाया

पुणे के एक मॉल में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना को फैंस ने घेरा, कृति ने रश्मिका को सुरक्षित बाहर निकाला। वीडियो देखें

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 14 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
पुणे मॉल में हंगामा: 'कॉकटेल 2' के प्रमोशन के दौरान फैंस की भीड़ से कृति सेनन ने रश्मिका को बचाया
पुणे मॉल में हंगामा: 'कॉकटेल 2' के प्रमोशन के दौरान फैंस की भीड़ से कृति सेनन ने रश्मिका को बचाया

वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक प्रमोशनल इवेंट सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक स्थिति में बदल गया और सितारों को फैंस की भारी भीड़ से निकलने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

आगामी फिल्म कॉकटेल 2 के प्रमोशन के लिए पुणे के एक मॉल में आयोजित कार्यक्रम इस हफ्ते सुरक्षा में बड़ी चूक का गवाह बना। जब फिल्म की स्टार कास्ट—शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना—मॉल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तो फैंस की भारी भीड़ ने सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। आयोजकों को तुरंत कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा और सितारों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में स्थिति की गंभीरता देखी जा सकती है। धक्का-मुक्की के बीच, कृति सेनन ने रश्मिका का हाथ थामकर उन्हें सुरक्षित घेरे में रखा और भीड़ के बीच से बाहर निकाला। वहीं, शाहिद कपूर सुरक्षाकर्मियों के साथ रास्ता बनाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य केंद्र कृति और रश्मिका के बीच का यह सुरक्षात्मक तालमेल बना हुआ है।

होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित इस फिल्म के प्रमोशन के लिए यह दौरा देशभर में चल रहा है। दिन की शुरुआत काफी सकारात्मक रही थी, जहां तीनों सितारों ने दर्शकों के साथ पुणे के मशहूर वड़ा पाव का आनंद लिया था। हालांकि, जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी साबित हुई, जिससे ऐसी हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की प्लानिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है

यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर सितारों के प्रमोशनल इवेंट्स से जुड़े बढ़ते जोखिमों की याद दिलाती है। डिजिटल युग में जब फैंस की दीवानगी शारीरिक निकटता में बदल जाती है, तो आयोजकों पर भीड़ को संभालने का दबाव बढ़ गया है। जब सुरक्षा इंतजाम भीड़ के उत्साह या अनियंत्रित व्यवहार को संभालने में विफल रहते हैं, तो यह सिर्फ पीआर मैनेजमेंट नहीं, बल्कि सितारों और जनता दोनों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन जाता है।

फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ा और असहज सवाल खड़ा करता है: क्या मॉल-टूर का पारंपरिक मॉडल, जो सीधे तौर पर जनता के बीच जाने पर निर्भर है, अब इतना खतरनाक हो गया है कि इसे जारी रखना मुश्किल है? हालांकि कॉकटेल 2 जैसी फिल्मों के लिए जमीनी स्तर पर चर्चा बनाने के लिए ऐसे इवेंट्स जरूरी हैं, लेकिन ये भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल की सीमाओं की परीक्षा ले रहे हैं।

सोशल मीडिया पर फैंस कृति की सूझबूझ और उनके 'बड़ी बहन' जैसे व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं, साथ ही अव्यवस्था पर नाराजगी भी जता रहे हैं। ये वायरल क्लिप्स भारतीय सेलिब्रिटी संस्कृति के उस पैटर्न को उजागर करते हैं, जहां फैन एंगेजमेंट और निजी सुरक्षा के बीच की रेखा अक्सर धुंधली हो जाती है, जिससे सितारे उन्हीं लोगों के बीच असुरक्षित महसूस करने लगते हैं जिनका मनोरंजन करने वे वहां पहुंचे होते हैं।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।