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तीसरे वनडे में प्रसिद्ध कृष्णा की घातक गेंदबाजी से अफगानिस्तान पस्त

भारत-अफगानिस्तान तीसरे वनडे का टॉस कुछ देर में: क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, चेन्नई में 55% ब...

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 20 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
तीसरे वनडे में प्रसिद्ध कृष्णा की घातक गेंदबाजी से अफगानिस्तान पस्त
तीसरे वनडे में प्रसिद्ध कृष्णा की घातक गेंदबाजी से अफगानिस्तान पस्त

चेन्नई में तेज गेंदबाजी के कहर के आगे अफगानिस्तान का शीर्ष क्रम ढह गया है और टीम इंडिया सीरीज में क्लीन स्वीप की ओर बढ़ रही है।

चेन्नई की चिलचिलाती धूप जितनी सख्त थी, उससे कहीं ज्यादा घातक प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाजी रही। जैसे ही अफ़ग़ानिस्तान बनाम भारत तीसरा वनडे शुरू हुआ, मेहमान टीम एक बार फिर मुश्किलों में घिरी नजर आई। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हशमतुल्लाह शाहिदी की टीम पहले पावरप्ले में ही बिखर गई। 11वें ओवर तक अफगानिस्तान का स्कोर 38/4 था और चारों विकेट प्रसिद्ध कृष्णा के नाम थे।

यह तबाही शुरुआत से ही शुरू हो गई थी, जब भारतीय तेज गेंदबाजों ने गेंद को बेहतरीन तरीके से स्विंग कराया। रहमानुल्लाह गुरबाज़, रहमत शाह और इब्राहिम जादरान जैसे अफगानी बल्लेबाज कृष्णा की सटीक लाइन-लेंथ और उछाल का कोई जवाब नहीं ढूंढ पाए। फील्डिंग में भी भारतीय टीम उतनी ही मुस्तैद दिखी; कप्तान रोहित शर्मा ने स्लिप में तीन शानदार कैच लपककर दबाव को कम नहीं होने दिया।

रणनीतिक बदलाव और लय की तलाश

दोनों टीमों ने इस मैच में अपनी प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव किए। अफगानिस्तान, जो इस primary मुकाबले में अपनी साख बचाने उतरी थी, ने अपनी टीम में चार बड़े बदलाव किए और मोहम्मद नबी व फरीद मलिक जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया। वहीं, सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी टीम इंडिया ने इस sports मैच का इस्तेमाल अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने के लिए किया। हर्ष दुबे, नितीश रेड्डी और प्रसिद्ध कृष्णा की वापसी यह दर्शाती है कि टीम प्रबंधन भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए अपनी प्रतिभा का दायरा बढ़ाना चाहता है।

विकेट लेने का तरीका आक्रामक और तकनीकी रूप से सटीक था। 9वें ओवर में दरवेश रसूली का विकेट—जिसे श्रेयस अय्यर ने पीछे की ओर दौड़ते हुए लपका—यह दिखाता है कि अफगानी बल्लेबाज शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ कितने असहज थे। जैसे-जैसे cricket का खेल आगे बढ़ रहा है, शाहिदी और अजमतुल्लाह उमरजई की साझेदारी ही अब मेहमान टीम को पूरी तरह ढहने से बचा रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह प्रदर्शन केवल आंकड़ों के लिए नहीं है। भारत के लिए, एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी को इस तरह से ध्वस्त करना Rohit Sharma के पास मौजूद बेंच स्ट्रेंथ की गहराई को दर्शाता है। हालांकि सीरीज पहले ही सुरक्षित हो चुकी थी, लेकिन गेंदबाजों की यह भूख बताती है कि टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा कितनी बढ़ गई है।

अफगानिस्तान के लिए यह सीरीज सीखने का एक कठिन सबक रही है। तेज गेंदबाजी के खिलाफ उनका संघर्ष एक चिंता का विषय बना हुआ है। score जिस तरह से खतरनाक स्थिति में है, उसे देखते हुए यह साफ है कि भारत की रिजर्व टीम और अफगानिस्तान की मुख्य टीम के बीच का अंतर बढ़ रहा है। यह हकीकत अफगान बोर्ड को तेज गेंदबाजी के खिलाफ अपनी तैयारी की रणनीति पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर करेगी।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।