नॉर्वे चेस: प्रज्ञानानंद की शानदार वापसी, खिताब की दौड़ में फिर शामिल
नॉर्वे चेस: प्रज्ञानानंद ने गुकेश से लिया बदला; खिताबी मुकाबला आखिरी दिन तक पहुंचा

20 वर्षीय शतरंज के इस दिग्गज खिलाड़ी ने विश्व चैंपियन गुकेश को एक हाई-स्टेक मुकाबले में हराकर लगातार तीसरी क्लासिकल जीत दर्ज की है।
नॉर्वे चेस टूर्नामेंट का समीकरण 9वें राउंड के बाद पूरी तरह बदल गया है, जिसमें रमेशबाबू प्रज्ञानानंद ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी है। मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश को 34 चालों के तनावपूर्ण क्लासिकल गेम में मात देकर, भारतीय ग्रैंडमास्टर ने खुद को खिताबी दौड़ में मजबूती से खड़ा कर लिया है। इस जीत के साथ, प्रज्ञानानंद टूर्नामेंट के लीडर वेस्ले सो से केवल आधे अंक पीछे हैं, जिससे ओस्लो में आखिरी दिन का मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।
ओस्लो में रणनीतिक मास्टरक्लास
डिचमैन ब्योर्विका पब्लिक लाइब्रेरी में हुए इस रीमैच में गुकेश ने सफेद मोहरों के साथ आक्रामक रुख अपनाते हुए निमजो-इंडियन सैमिश सेटअप का विकल्प चुना। काले मोहरों से खेल रहे प्रज्ञानानंद ने दबाव में भी गजब का संयम दिखाया। खेल का निर्णायक मोड़ तब आया जब प्रज्ञानानंद ने अपने घोड़े को a1 स्क्वायर पर ले जाने का साहसी कदम उठाया, जिससे गुकेश को अपना कीमती समय खर्च करना पड़ा। हालांकि सफेद मोहरों ने एक रूक (हाथी) जीत लिया था, लेकिन चेन्नई के इस स्टार खिलाड़ी ने अपने प्रतिद्वंद्वी के असुरक्षित राजा का फायदा उठाया और धीरे-धीरे अपने मोहरों को व्यवस्थित कर हमले को नाकाम कर दिया। जब गुकेश को अहसास हुआ कि उनके पास हार की भरपाई का कोई मौका नहीं बचा है, तो उन्होंने हार स्वीकार कर ली।
जीत के बाद प्रज्ञानानंद ने कहा, "तीन दिन पहले मैं आखिरी स्थान के लिए संघर्ष कर रहा था। और अब मेरे पास खिताब के लिए लड़ने का मौका है, तो मैं इसे जरूर भुनाऊंगा!" यह जीत उस युवा खिलाड़ी के लिए एक शानदार वापसी है, जिसे पांचवें और छठे राउंड में लगातार हार का सामना करना पड़ा था। उनकी मौजूदा जीत की लय—जिसमें अलीरेजा फिरोजा, मैग्नस कार्लसन और अब गुकेश के खिलाफ जीत शामिल है—ने उन्हें लाइव रेटिंग में दुनिया के नंबर 12 खिलाड़ी के पायदान पर पहुंचा दिया है।
खिताबी दौड़ और टूर्नामेंट के अन्य परिणाम
शुक्रवार को होने वाले अंतिम राउंड से पहले ओपन सेक्शन में खिताबी मुकाबला वेस्ले सो, फिरोजा और प्रज्ञानानंद के बीच सिमट गया है, जबकि महिला वर्ग का परिणाम स्पष्ट हो चुका है। बिबिसारा असौबायेवा ने अन्ना मुज़िचुक के खिलाफ ड्रॉ खेलकर एक राउंड शेष रहते ही नॉर्वे चेस महिला खिताब अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट हॉल में अन्य मुकाबलों में दिव्या देशमुख को हार का सामना करना पड़ा, जबकि मैग्नस कार्लसन और कोनेरू हंपी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को आर्मागेडन टाई-ब्रेकर तक जाना पड़ा।
अंतिम राउंड के करीब आते ही सबकी निगाहें प्रज्ञानानंद और विंसेंट कीमर के बीच होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं। जर्मन खिलाड़ी कीमर को हराना आसान नहीं रहा है, क्योंकि वे इस पूरे टूर्नामेंट में क्लासिकल गेम्स में अजेय रहे हैं। प्रज्ञानानंद को अपनी लय बनाए रखनी होगी और वेस्ले सो बनाम अलीरेजा फिरोजा के मैच के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी ताकि वे चैंपियनशिप सुरक्षित कर सकें। इस साल स्कोरिंग की अनिश्चितता को देखते हुए, अंतिम राउंड में तनाव चरम पर होगा क्योंकि खिलाड़ी $75,000 के शीर्ष पुरस्कार के लिए जोर लगा रहे हैं।
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