नीट परीक्षा की तैयारियों पर CM मोहन यादव सख्त, जुलाई में कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस से पहले कड़े निर्देश
नीट परीक्षा की तैयारियों पर CM सख्त: जुलाई में कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस, जिलों की उपलब्धियां बताएंगे मंत्री
राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) की शुचिता पर केंद्रित नजरों के बीच, मध्य प्रदेश एक बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी कर रहा है।
मध्य प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र साल के मध्य में एक कठोर ऑडिट के लिए कमर कस रहा है। समत्व भवन में उच्च-स्तरीय समीक्षा के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा के संबंध में किसी भी तरह की चूक के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है। 30 जिलों में फैले 283 परीक्षा केंद्रों के साथ, सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह सतर्क है कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और लॉजिस्टिक्स दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इंदौर, जहां सबसे अधिक 57 परीक्षा केंद्र हैं, सुरक्षा योजना का मुख्य केंद्र बन गया है। जिला प्रशासन के लिए मुख्यमंत्री का निर्देश स्पष्ट है: परीक्षा की पूर्ण शुचिता सुनिश्चित करें और छात्रों के लिए पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। भौतिक व्यवस्थाओं के अलावा, प्रशासन को सक्रिय डिजिटल पुलिसिंग की भूमिका सौंपी गई है—सोशल मीडिया की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी ताकि ऐसी अफवाहों को रोका जा सके, जो उम्मीदवारों के बीच अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों को सहयोगात्मक रुख अपनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों के पास यातायात का प्रवाह छात्रों के लिए बाधा न बने। एक सुचारू और पारदर्शी प्रक्रिया पर यह जोर ऐसे समय में दिया गया है जब राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा पूरे देश में गहन सार्वजनिक जांच का विषय बनी हुई है, जिससे राज्य सरकार का सक्रिय रुख जन विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक हो गया है।
जुलाई में जवाबदेही अभियान
परीक्षा पर यह ध्यान प्रशासनिक दक्षता की दिशा में एक बड़े कदम का हिस्सा है। डॉ. यादव ने जुलाई में कलेक्टर्स और एसपी की एक कॉन्फ्रेंस की घोषणा की है, जो राज्य के शासन को नियमित बैठकों से हटाकर प्रदर्शन-आधारित परिणामों की ओर ले जाएगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस आने तक, मंत्रियों से उनके संबंधित जिलों की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाएगी।
यह केवल एक नौकरशाही समीक्षा नहीं है; यह विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को मापने का एक प्रयास है। यह कॉन्फ्रेंस जिला प्रमुखों के लिए एक 'रिपोर्ट कार्ड' के रूप में काम करेगी, जो शीर्ष स्तर पर नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर निष्पादन के बीच सीधा संबंध स्थापित करेगी। एजेंडे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की आगामी राज्य यात्रा की तैयारी भी शामिल है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: शासन संस्कृति में बदलाव
इन निर्देशों का समय यह दर्शाता है कि सरकार एक मजबूत और सक्रिय प्रशासनिक पकड़ बनाए रखने के लिए उत्सुक है। प्रतियोगी परीक्षाओं के तनावपूर्ण माहौल को सिविल सेवकों की व्यापक प्रदर्शन समीक्षा के साथ जोड़कर, डॉ. यादव यह संकेत दे रहे हैं कि राज्य प्रशासन को संकट प्रबंधन और विकास के मील के पत्थर, दोनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। रणनीति स्पष्ट है: राज्य के हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों से पहले नौकरशाही को सतर्क रखना, ताकि आने वाले महीनों में 'जिला-स्तरीय उपलब्धि' राजनीतिक और प्रशासनिक सफलता का प्राथमिक पैमाना बन सके।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।