जോഷ് इंगलिस को नाहिद राणा का आक्रामक सेंड-ऑफ: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के बीच विवाद
मैदान पर नाहिद राणा और जോഷ् इंगलिस के बीच हुई तीखी बहस, ऑस्ट्रेलिया को हराकर बांग्लादेश ने रचा इतिहास
वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में बांग्लादेश के शानदार प्रदर्शन के बीच नाहिद राणा और जോഷ् इंगलिस के बीच हुई तीखी बहस ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले वनडे के 11वें ओवर के दौरान स्टेडियम का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। एक सामान्य विकेट के बाद शुरू हुई यह घटना देखते ही देखते जോഷ् इंगलिस और नाहिद राणा के बीच तीखी बहस में बदल गई, जिससे खेल की बारीकियों से हटकर आधुनिक क्रिकेट में अक्सर दिखने वाली आक्रामकता चर्चा का केंद्र बन गई।
ऑस्ट्रेलियाई पारी को ढहाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले राणा ने एक तेज और उछाल भरी गेंद फेंकी, जिस पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जോഷ् इंगलिस का किनारा लगा और वे कैच आउट हो गए। कैच पूरा होते ही राणा ने पवेलियन लौट रहे बल्लेबाज की ओर मुड़कर आक्रामक अंदाज में कुछ कहा, जिसे कथित तौर पर 'ड्रेसिंग रूम में जाने' का इशारा माना गया। कैमरे में कैद हुई इस घटना पर इंगलिस ने तुरंत पलटवार किया और वे मैदान से जाने के बजाय राणा के सामने डट गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बांग्लादेशी कप्तान मेहदी हसन मिराज को बीच-बचाव करना पड़ा।
मैदान पर हुई यह झड़प मेजबान टीम के दबदबे वाले प्रदर्शन के बीच एक अलग ही तस्वीर पेश कर रही थी। मोसादेक हुसैन (86), नजमुल हुसैन शांतो (67) और तंजिद हसन (54) के अर्धशतकों की बदौलत बांग्लादेश ने 284 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और पूरी टीम 191 रनों पर सिमट गई। कैमरून ग्रीन ने सर्वाधिक 52 रन बनाए, लेकिन वे बांग्लादेशी गेंदबाजों के दबाव और गति का सामना नहीं कर सके।
तेज गेंदबाजी का मास्टरक्लास
नाहिद राणा ऑस्ट्रेलिया की हार के सबसे बड़े सूत्रधार रहे, जिन्होंने महज 41 रन देकर 4 विकेट झटके। पिच से मिली अतिरिक्त उछाल का उन्होंने बखूबी इस्तेमाल किया, जिसके सामने मेहमान बल्लेबाज टिक नहीं सके। एलेक्स कैरी ने 47 रनों के साथ थोड़ा संघर्ष जरूर किया, लेकिन बांग्लादेशी गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम पूरी तरह बिखर गया।
बड़ी तस्वीर
यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है: यह वाकया आधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बढ़ती उस प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहां विकेट लेने के बाद आक्रामक जश्न अक्सर विवादों को जन्म देता है। हालांकि खेल में प्रतिस्पर्धा जरूरी है, लेकिन नाहिद और जോഷ् के बीच हुई यह बहस खेल की गरिमा और आक्रामकता के बीच की बारीक रेखा को याद दिलाती है। मैच अधिकारी इस घटना के फुटेज की समीक्षा कर सकते हैं ताकि यह तय किया जा सके कि क्या यह खेल भावना के विरुद्ध था। बांग्लादेश के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली है, लेकिन इस झड़प का असर सीरीज के बाकी मैचों पर भी पड़ सकता है। जैसा कि मूल लेख में बताया गया है, यह घटना दर्शाती है कि मैदान पर खिलाड़ियों का आपा खोना खेल के रुख को कितनी जल्दी बदल सकता है।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।