मानसून का कहर: भीषण गर्मी और भारी बारिश के बीच बंटा देश का मौसम
कल का मौसम 22 जून: दिल्ली-यूपी में आंधी, मुंबई में बरसेंगे बादल... जानें आपके शहर में कल का मौसम
जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ रहा है, 22 जून को भारत का मौसम दो अलग-अलग हिस्सों में बंटा नजर आएगा। जहां तटीय और उत्तरी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहीं मध्य भारत के राज्य भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।
जून में भारत का मौसम इस समय दो अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। जहां मानसून का आगमन उत्तर और पश्चिम के कुछ हिस्सों में राहत लेकर आया है, वहीं मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में लू का कहर अभी भी जारी है। जो लोग कल का मौसम जानना चाहते हैं, उनके लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान एक बड़े क्षेत्रीय अंतर की ओर इशारा करता है।
दिल्लीवासियों को मौसम में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि धूल भरी आंधी, बादल छाए रहने और हल्की बारिश से भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम थोड़ा सुहावना होने की संभावना है, हालांकि यह बदलाव का दौर अभी अस्थिर बना हुआ है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है, जहां IMD ने धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की चेतावनी जारी की है।
दो क्षेत्रों की कहानी: बारिश बनाम लू
यह भौगोलिक अंतर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक स्पष्ट है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में हल्की बारिश से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन पूर्वी बेल्ट अभी भी तेज धूप और लू जैसी स्थितियों से जूझ रही है। मध्य प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति है; जहां पश्चिमी इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का अनुमान है, वहीं पूर्वी जिले अभी भी हीटवेव की चेतावनी के दायरे में हैं।
इस बीच, दक्षिण और पश्चिम में मानसून की रफ्तार तेज हो रही है। मुंबई और उसके तटीय इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है, जो इस सीजन के जोर पकड़ने का संकेत है। बिहार में भी मानसून सक्रिय हो गया है और कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
बड़ी तस्वीर
यह महत्वपूर्ण क्यों है? मौजूदा मौसम के पैटर्न बताते हैं कि मानसून इस बार पूरे उपमहाद्वीप में एक साथ फैलने के बजाय रुक-रुक कर आगे बढ़ रहा है। कृषि क्षेत्र और शहरी बुनियादी ढांचे के लिए, बारिश का यह असमान वितरण एक बड़ी चुनौती है। जहां बुवाई के लिए बारिश जरूरी है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पहाड़ी राज्यों के लिए भी दिन काफी हलचल भरा रहने वाला है। हिमाचल प्रदेश की चोटियों से लेकर जम्मू-कश्मीर की घाटियों तक, लोगों को बारिश, तेज हवाओं और ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि मौसम आजतक के अपडेट से लेकर हिंदुस्तान की स्थानीय रिपोर्टों तक चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है, यह स्पष्ट है कि फिलहाल देश के दैनिक जीवन में मौसम ही सबसे बड़ा कारक है।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।