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आधी रात को डकैती: राजकोट के औद्योगिक हब में हथियारबंद गिरोह ने 2.47 करोड़ रुपये लूटे

बुजुर्ग को बंधक बनाकर करोड़ों की लूट को दिया अंजाम!

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 21 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
आधी रात को डकैती: राजकोट के औद्योगिक हब में हथियारबंद गिरोह ने 2.47 करोड़ रुपये लूटे
आधी रात को डकैती: राजकोट के औद्योगिक हब में हथियारबंद गिरोह ने 2.47 करोड़ रुपये लूटे

शापर-वेरावल औद्योगिक क्षेत्र में आधी रात को हुई इस डकैती ने 77 वर्षीय बुजुर्ग को सदमे में डाल दिया है, वहीं पुलिस नकाबपोश लुटेरों के गिरोह का पता लगाने के लिए मशक्कत कर रही है।

राजकोट के पास शापर-वेरावल औद्योगिक क्षेत्र की शांति उस समय भंग हो गई जब तड़के नकाबपोश हमलावरों के एक समूह ने करोड़ों की डकैती को अंजाम दिया। रात करीब 1:00 बजे, गिरोह ने 77 वर्षीय जितेंद्रसिंह जडेजा के आवास को निशाना बनाया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने बुजुर्ग को काबू में कर लिया और उन्हें बंधक बनाकर पूरे घर की तलाशी ली।

इस हमले की गंभीरता का अंदाजा लूटी गई रकम से लगाया जा सकता है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गिरोह लगभग 2.47 करोड़ रुपये नकद और 5 से 7 तोला सोना लेकर फरार हो गया। इस घटना ने स्थानीय व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि राज्य के इस इलाके में इतनी बड़ी डकैती की घटनाएं कम ही देखने को मिलती हैं।

पुलिस की कार्रवाई

अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही राजकोट ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और विशेष पुलिस टीमें संदिग्धों के भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

फिलहाल जांच का केंद्र इस वारदात में शामिल 5 से 7 नकाबपोश व्यक्तियों की पहचान करना है। जैसा कि लेखक अज़हर पतंगवाला के मूल लेख (जिसे हाल ही में अपडेट किया गया है) में बताया गया है, पुलिस इसे उच्च प्राथमिकता वाला मामला मान रही है। अधिकारी संदिग्धों के वाहनों और उनके भागने की दिशा का पता लगाने के लिए आसपास की औद्योगिक इकाइयों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

यह घटना व्यस्त औद्योगिक क्षेत्रों के भीतर स्थित आवासीय इलाकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को उजागर करती है। जब रात के समय शांत रहने वाले इलाकों में बड़ी मात्रा में नकदी रखी जाती है, तो वे संगठित अपराधी तत्वों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। डकैती की सटीक योजना यह संकेत देती है कि अपराधियों ने पहले से रेकी की होगी, जो इन इलाकों में रहने वालों की व्यक्तिगत सुरक्षा में सेंध को दर्शाता है।

व्यापारी समुदाय के लिए यह घटना बेहतर निगरानी और निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता की एक गंभीर चेतावनी है। यदि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी साइट पर रखी गई थी, तो यह शापर-वेरावल के निवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच अब इस दिशा में केंद्रित होगी कि क्या यह एक मौका पाकर की गई लूट थी या किसी अंदरूनी जानकारी के आधार पर किया गया लक्षित हमला।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।