मैथियस कुन्हा का जलवा, ब्राजील ने हैती को हराकर दर्ज की शानदार जीत
ब्राजील की शानदार वापसी; हैती के खिलाफ 3-0 से दर्ज की धमाकेदार जीत
फिलाडेल्फिया स्टेडियम में ब्राजील ने अपनी सुस्त शुरुआत को पीछे छोड़ते हुए 2026 फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप सी मुकाबले में हैती को 3-0 से करारी शिकस्त दी।
बुधवार रात फिलाडेल्फिया स्टेडियम में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। शुरुआती 22 मिनट तक ब्राजील की टीम अपने इतिहास के दबाव में दबी हुई नजर आई, लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती दिखी और पांच बार की चैंपियन टीम में जिस धार की उम्मीद की जाती है, उसकी कमी दिखी। लेकिन जैसे ही गोल का सूखा खत्म हुआ, सेलेसाओ ने आखिरकार 2026 फीफा वर्ल्ड कप में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी।
कुन्हा का प्रभाव
रणनीतिक बदलाव निर्णायक साबित हुए। मैनेजर ने इगोर थियागो की जगह मैथियस कुन्हा को मौका दिया, जबकि डैनिलो ने राइट-बैक के तौर पर रोजर इबानेज की जगह ली। कुन्हा पर लगाया गया दांव शानदार रहा। 23वें मिनट में रिबाउंड पर उनका पहला गोल टीम के तनाव को दूर करने वाला था। 36वें मिनट तक उन्होंने अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया, जब उन्होंने हैती के डिफेंस को छकाते हुए एक शानदार डायगोनल रन लिया और गेंद को सीधे नेट में जड़ दिया।
नेमार के चोट के कारण बाहर होने से टीम का पूरा ध्यान सामूहिक खेल पर था। पहले हाफ के इंजरी टाइम में लुकास पाक्वेटा ने विनिसियस जूनियर को एक बेहतरीन पास दिया। स्टार फॉरवर्ड ने कोई गलती नहीं की और गोलकीपर प्लासिडे को छकाते हुए गोल कर दिया, जिससे हाफ-टाइम तक ही मैच का फैसला लगभग हो चुका था।
ऐतिहासिक दक्षता
पहले हाफ का यह आक्रामक प्रदर्शन ब्राजील के टूर्नामेंट इतिहास की याद दिलाता है। शुरुआती 45 मिनट में तीन गोल करना टीम की पहचान बनता जा रहा है; उन्होंने 2022 में दक्षिण कोरिया के खिलाफ और 2002 के अभियान में कोस्टा रिका और चीन के खिलाफ भी ऐसा किया था। कुन्हा के लिए, यह ब्राजील के किसी खिलाड़ी द्वारा वर्ल्ड कप मैच के पहले हाफ में दो गोल करने का दसवां मौका है, जिसमें वे नेमार जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 2014 में क्रोएशिया के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।
यह जीत क्यों महत्वपूर्ण है
तीन अंकों के अलावा, यह जीत ब्राजील को मोरक्को के खिलाफ निराशाजनक ड्रॉ के बाद बेहद जरूरी स्थिरता प्रदान करती है। ग्रुप सी में शीर्ष पर पहुंचकर, ब्राजील ने न केवल अपनी किस्मत पर नियंत्रण हासिल किया है, बल्कि स्टार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में टीम की गहराई पर उठ रहे सवालों को भी शांत कर दिया है। फिलाडेल्फिया में दिखाई गई रणनीतिक लचीलापन यह बताती है कि टीम दबाव में ढलना सीख रही है। हालांकि हैती ब्राजील के फॉरवर्ड लाइन की गति को रोकने में विफल रही, लेकिन इन गोलों की सटीकता यह संकेत देती है कि पांच बार की विजेता टीम सही समय पर अपनी लय हासिल कर रही है।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।