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लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन और उनके परिवार ने ₹910 करोड़ की ईडी कुर्की के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया

लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन, उनकी पत्नी और विधायक लीमा रोज़ तथा बेटी डेज़ी ने ईडी द्वारा संपत्ति कुर्क किए जाने के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 9 जून 2026· 3 मिनट पढ़ें
लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन और उनका परिवार
लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन और उनका परिवार

लॉटरी व्यापार में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब एक नए चरण में पहुंच गई है, जहां मद्रास हाईकोर्ट 39 अपीलों के एक बैच की सुनवाई कर रहा है।

"लॉटरी किंग" सैंटियागो मार्टिन के साम्राज्य के इर्द-गिर्द कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है, जिसके चलते उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में बड़ी चुनौती पेश की है। इस सप्ताह, मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने मार्टिन, उनकी पत्नी—एआईएडीएमके विधायक लीमा रोज़—और उनकी बेटी डेज़ी आधव अर्जुन द्वारा दायर 39 अलग-अलग अपीलों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया है। यह परिवार प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की अपीलीय न्यायाधिकरण के मई 2025 के उस आदेश को चुनौती दे रहा है, जिसने ईडी द्वारा ₹910.29 करोड़ की संपत्ति की कुर्की को बरकरार रखा था।

यह मामला सीबीआई की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि लॉटरी टिकटों की बिक्री में हेरफेर के जरिए सिक्किम सरकार को भारी नुकसान हुआ। जांचकर्ताओं का दावा है कि पुरस्कार जीतने वाले टिकटों को व्यवस्थित रूप से बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया ताकि धन की हेराफेरी की जा सके, जिसे कथित तौर पर मार्टिन से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से अंजाम दिया गया। ईडी ने इस अपराध के आधार पर संपत्तियों को फ्रीज करने और पहले की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों को अपने पास रखने की कार्रवाई की थी। जब PMLA न्यायाधिकरण ने कुर्की के आदेशों या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जब्ती में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, तो परिवार ने राहत पाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

संस्थाओं का जाल

मुकदमेबाजी का पैमाना मार्टिन परिवार के व्यावसायिक हितों के इर्द-गिर्द बुने गए जटिल कॉर्पोरेट ढांचे को दर्शाता है। अपीलकर्ताओं की सूची एक विशाल समूह की निर्देशिका जैसी है, जिसमें मार्टिन प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड, डोमिनेंट टावर्स एंड ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड, और कई "डोमिनेंट" शाखाएं जैसे डोमिनेंट ड्वेलर्स एंड डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और डोमिनेंट होम्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। मार्टिन रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड से लेकर डेसन लग्जरी विला प्राइवेट लिमिटेड और चार्मिंग स्काईस्क्रेपर्स एंड एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड जैसी अन्य कंपनियां रियल एस्टेट क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ का संकेत देती हैं, जिसकी संपत्तियां अब जांच के दायरे में हैं।

अदालत के लिए चुनौती इन दर्जनों याचिकाओं का विश्लेषण करना और यह तय करना होगा कि क्या PMLA न्यायाधिकरण का राहत देने से इनकार करना कानूनी रूप से सही था। ईडी के विशेष लोक अभियोजक एन. रमेश को अगले महीने तक मुख्य अपीलों और साथ में दायर अंतरिम स्थगन याचिकाओं का जवाब देने का काम सौंपा गया है। इसका परिणाम यह तय करेगा कि क्या केंद्रीय एजेंसी इन महंगी संपत्तियों पर अपना नियंत्रण बनाए रखती है या याचिकाकर्ता अस्थायी राहत पाने में सफल होते हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

इस मामले का व्यापक महत्व बड़े व्यावसायिक नेटवर्क के वित्तीय आधार को लक्षित करने के लिए PMLA के आक्रामक उपयोग में निहित है। लॉटरी व्यापार में कथित अनियमितताओं को रियल एस्टेट और निजी होल्डिंग्स की एक विस्तृत श्रृंखला से जोड़कर, ईडी जटिल कॉर्पोरेट परतों के माध्यम से "अपराध की कमाई" (proceeds of crime) का पता लगाने की दिशा में एक बदलाव का संकेत दे रहा है। सरकार के लिए, यह हाई-प्रोफाइल वित्तीय भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी लड़ाई में एक टेस्ट केस है; वहीं कारोबारी समुदाय के लिए, यह एक सख्त चेतावनी है कि जांच एजेंसियां मुकदमे के लंबित रहने तक संपत्तियों को जब्त करने की व्यापक शक्तियां रखती हैं। जैसे-जैसे अदालती कार्यवाही आगे बढ़ेगी, राजनीतिक प्रभाव, कॉर्पोरेट संस्थाओं और नियामक निगरानी के बीच के तालमेल पर जांच और तेज होगी।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।