लंदन में भारत का दबदबा: पाकिस्तान के खिलाफ शानदार वापसी
भारत बनाम पाकिस्तान हॉकी लाइव स्कोर, FIH प्रो लीग: लंदन में अपनी बादशाहत कायम रखने के इरादे से उतरी भारतीय टीम
लंदन की धरती पर खेले जा रहे FIH प्रो लीग के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने शुरुआती पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए हाफ-टाइम तक 2-1 की बढ़त बना ली है।
लंदन के मैदान पर भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबले की चिर-परिचित गर्माहट साफ महसूस की जा सकती थी, लेकिन खेल की पटकथा पारंपरिक उम्मीदों से थोड़ी अलग रही। हालांकि पाकिस्तान ने पहला गोल दागकर भारतीय डिफेंस को चौंकाया, लेकिन दूसरे क्वार्टर में भारत ने जिस तरह से खेल का रुख पलटा, वह काबिले तारीफ था। सेट-पीस पर गोल करने में भले ही भारत को संघर्ष करना पड़ा, लेकिन ओपन-प्ले में लगातार दबाव बनाकर उन्होंने अपनी लय हासिल कर ली।
दो क्वार्टर की कहानी
पहले हाफ के आंकड़े भारत के दबदबे को बयां करने के लिए काफी हैं। भारतीय टीम ने पहले 30 मिनट के खेल में 19 बार विपक्षी सर्कल में प्रवेश किया, जबकि पाकिस्तान ऐसा केवल दो बार कर सका। पाकिस्तान के डिफेंडरों ने भारत के नौ पेनल्टी कॉर्नर को नाकाम करने के लिए बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन दबाव के आगे अंततः उनका डिफेंस टूट ही गया।
अभिषेक ने दिलप्रीत के क्रॉस को शानदार तरीके से गोल में बदलकर भारत को बराबरी दिलाई। इसके कुछ ही देर बाद, नीलकंठ शर्मा ने हरमनप्रीत सिंह के ब्लॉक हुए ड्रैग-फ्लिक के बाद मिले मौके का फायदा उठाते हुए अपना 19वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागा। उनके शक्तिशाली शॉट ने गेंद को गोल पोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया, जिससे भारत 2-1 से आगे हो गया और टीम ने राहत के साथ ब्रेक लिया।
यह जीत क्यों मायने रखती है
यह मैच वैश्विक स्तर पर दक्षिण एशियाई हॉकी की मौजूदा स्थिति का पैमाना है। पाकिस्तान, जो फिलहाल बिना मुख्य कोच के खेल रहा है, FIH प्रो लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट के दबाव को साफ महसूस कर रहा है। सर्कल में प्रवेश के आंकड़ों में बड़ा अंतर टैक्टिकल सहनशक्ति की कमी को दर्शाता है; जहां पाकिस्तान केवल छोटे-छोटे हमलों में खतरनाक दिखता है, वहीं भारत चारों क्वार्टर में लगातार दबाव बनाए रखने में कहीं अधिक सटीक साबित हो रहा है।
बड़ी तस्वीर
भारत के लिए यह प्रदर्शन केवल स्कोरलाइन के बारे में नहीं, बल्कि टीम के संयम के बारे में है। नौ में से केवल एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना एक ऐसा आंकड़ा है जिस पर कोचिंग स्टाफ निश्चित रूप से गौर करेगा, लेकिन ओपन-प्ले में गोल करने की क्षमता यह साबित करती है कि यह टीम किसी एक हथियार पर निर्भर नहीं है। लंदन में खेल के दौरान शुरुआती गोल खाने के बाद टीम का शांत रहना यह दर्शाता है कि यह टीम लगातार परिपक्व हो रही है। तटस्थ दर्शकों के लिए यह एक याद दिलाने वाला पल है कि आधुनिक हॉकी में जो टीम मैदान पर नियंत्रण रखती है, वही खेल की दिशा तय करती है।
कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।