IND vs AFG: आकाश चोपड़ा की प्लेइंग इलेवन में विराट कोहली की जगह ईशान किशन का दावा
पहले वनडे में विराट कोहली की जगह कौन? आकाश चोपड़ा ने इस खिलाड़ी को बताया 'भगवान का पसंदीदा बच्चा'
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में विराट कोहली की अनुपस्थिति के बीच पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने यशस्वी जायसवाल को दरकिनार कर ईशान किशन को नंबर-3 पर उतारने का सुझाव दिया है।
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज का आगाज एक बड़े सिरदर्द के साथ हो रहा है। चोटिल विराट कोहली का पहले वनडे से बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में क्रिकेट गलियारों में प्लेइंग इलेवन को लेकर अटकलें तेज हैं। पूर्व भारतीय ओपनर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर जो प्रेडिक्टेड प्लेइंग इलेवन साझा की है, उसने सभी का ध्यान खींचा है। उन्होंने युवा यशस्वी जायसवाल के बजाय ईशान किशन पर अपना दांव लगाया है।
एक 'फिल्मी' वापसी की कहानी
ईशान किशन का पिछला छह महीने का सफर किसी बॉलीवुड पटकथा से कम नहीं रहा है। महज कुछ समय पहले तक वे बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर थे और टीम में उनकी जगह पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे थे। हालांकि, उन्होंने अपनी कप्तानी में झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का ऐतिहासिक खिताब जिताकर अपनी गंभीरता साबित की। टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों और आईपीएल 2026 में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद आखिरकार अक्टूबर 2023 के बाद उनकी वनडे टीम में वापसी हुई है।
आकाश चोपड़ा ने ईशान को "भगवान का पसंदीदा बच्चा" करार देते हुए कहा कि उनकी किस्मत इस वक्त इतनी बुलंद है कि जब भी टीम के दरवाजे अनजाने में खुलते हैं, वे वहां मौजूद होते हैं। वनडे प्रारूप में ईशान का रिकॉर्ड भी शानदार है; उन्होंने 27 मैचों में 42.40 की औसत और 102.19 के स्ट्राइक रेट से 933 रन बनाए हैं, जिसमें बांग्लादेश के खिलाफ लगाया गया दोहरा शतक भी शामिल है।
यशस्वी जायसवाल क्यों हैं दौड़ में?
कोहली के बाहर होने के बाद कई विशेषज्ञ जायसवाल को स्वाभाविक दावेदार मान रहे थे, लेकिन चोपड़ा का मानना है कि ईशान किशन की वर्तमान फॉर्म और उनके पास मौजूद अंतरराष्ट्रीय अनुभव टीम के लिए अधिक उपयोगी साबित हो सकता है। यह फैसला अगर टीम प्रबंधन लागू करता है, तो जायसवाल को बेंच पर बैठना पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल पहले ही यह स्वीकार कर चुके हैं कि कोहली की कमी टीम को निश्चित रूप से खलेगी।
क्यों यह मायने रखता है
यह बदलाव केवल एक खिलाड़ी के चयन का मामला नहीं है, बल्कि यह 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी की दिशा तय करने वाला कदम है। जिस तरह से कोहली, हार्दिक पांड्या और अन्य सीनियर खिलाड़ियों की उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं, टीम मैनेजमेंट को अब नए विकल्पों को आजमाने और उन्हें स्थिर मौका देने की जरूरत है। अगर ईशान किशन नंबर-3 पर अपनी जगह पक्की करते हैं, तो यह भारतीय मिडिल-ऑर्डर को अधिक गहराई और आक्रामकता प्रदान करेगा। यह सीरीज शुभमन गिल की कप्तानी में टीम के नए ब्लूप्रिंट को परखने का भी एक बड़ा मौका है।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।