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कोंडापुर के सबवे (Subway) में स्वच्छता में भारी लापरवाही: सड़ी सब्जियां और मक्खियों के मिलने पर जांच शुरू

हैदराबाद के कोंडापुर स्थित सबवे आउटलेट में सड़ी हुई लेट्यूस, एक्सपायर्ड सब्जियां और मक्खियां पाई गईं

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 22 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
कोंडापुर सबवे में स्वच्छता में भारी लापरवाही: सड़ी सब्जियां और मक्खियों के मिलने पर जांच शुरू
कोंडापुर सबवे में स्वच्छता में भारी लापरवाही: सड़ी सब्जियां और मक्खियों के मिलने पर जांच शुरू

हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों ने एक स्थानीय सबवे फ्रैंचाइज़ी पर अचानक छापेमारी के दौरान एक्सपायर्ड, बिना लेबल वाली सब्जियां और खराब स्वच्छता व्यवस्था पाई।

ताजी बेक्ड ब्रेड की खुशबू अक्सर कोंडापुर के इस सबवे आउटलेट की ओर ग्राहकों को खींच लाती है, लेकिन हालिया औचक निरीक्षण ने सर्विस काउंटर के पीछे चल रही गड़बड़ियों पर से पर्दा उठा दिया है। इस सप्ताह छापेमारी करने पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को वहां बेहद खराब स्थिति मिली: चिलर में सड़ी हुई लेट्यूस और एक्सपायर्ड, बिना लेबल वाली सब्जियों के कंटेनर रखे हुए थे।

हैदराबाद भर में स्वच्छता मानकों की निगरानी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह निरीक्षण किया गया था। अधिकारियों ने फूड प्रिपरेशन एरिया (खाना बनाने की जगह) में मक्खियां भी पाईं, जो स्वच्छता के लिहाज से एक गंभीर चूक है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खराब सामग्री को नष्ट करवाया, ताकि यह किसी भी ग्राहक की थाली तक न पहुंच सके।

स्वच्छता में फेल

हाइजीन ऑडिट में आउटलेट की आंतरिक कार्यप्रणाली की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मानक चेकलिस्ट के आधार पर, कोंडापुर ब्रांच 96 में से केवल 58 अंक ही हासिल कर सकी, जो कि 60% के बराबर है। अधिकारियों ने बताया कि यह कम स्कोर खराब हैंडलिंग, भंडारण में कमी और ढीले-ढाले स्वच्छता प्रोटोकॉल का सीधा परिणाम है।

इन निष्कर्षों के बाद, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे आउटलेट को 'सुधार नोटिस' (Improvement Notice) जारी करेंगे। इस कानूनी निर्देश के तहत प्रबंधन को अपनी कार्यप्रणाली में आमूल-चूल बदलाव करना होगा और राज्य के खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। हालांकि आउटलेट अभी भी जांच के दायरे में है, लेकिन यह घटना अंतरराष्ट्रीय फास्ट-फूड चेन की ब्रांडिंग और उनके फ्रैंचाइज़ी प्रबंधन की जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को दर्शाती है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पूरे शहर में चल रहे खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। जैसे-जैसे हैदराबाद का फूड सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, खाद्य सुरक्षा टीमें एक के बाद एक लोकप्रिय आउटलेट्स की जांच कर रही हैं, जो गति और मुनाफे को बुनियादी स्वच्छता से ऊपर रखते हैं।

इन निरीक्षणों की बढ़ती आवृत्ति यह बताती है कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल करने के लिए गंभीर है। आम ग्राहकों के लिए, यह स्थिति दोधारी तलवार जैसी है: जहां बढ़ती निगरानी स्वास्थ्य जोखिमों के खिलाफ एक जरूरी सुरक्षा कवच है, वहीं यह शहर के व्यस्त फूड सेक्टर में लापरवाही के परेशान करने वाले पैटर्न को भी उजागर करती है। जब वैश्विक दिग्गज कंपनियां ताजे भंडारण और कीट नियंत्रण जैसी बुनियादी जरूरतों में चूक करती हैं, तो यह फ्रैंचाइज़ी मालिकों की जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।