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नॉर्थ साउंड में होप और ग्रीव्स ने श्रीलंकाई गेंदबाजी का डटकर किया सामना

वेस्टइंडीज की मजबूत शुरुआत के बाद लंच से ठीक पहले असिथा ने कैंपबेल को पवेलियन भेजा

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 6 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
नॉर्थ साउंड में होप और ग्रीव्स ने श्रीलंकाई गेंदबाजी का डटकर किया सामना
नॉर्थ साउंड में होप और ग्रीव्स ने श्रीलंकाई गेंदबाजी का डटकर किया सामना

एक जुझारू शतकीय साझेदारी ने वेस्टइंडीज को दूसरे टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ हार की कगार से वापस खींच लिया है।

नॉर्थ साउंड में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट अब एक कड़े मुकाबले में बदल गया है। श्रीलंका के पहली पारी के विशाल 549 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज ने जोरदार पलटवार किया है। सुबह के सत्र में मेजबान टीम का शीर्ष क्रम लड़खड़ाता नजर आ रहा था, लेकिन शाई होप और जस्टिन ग्रीव्स की जोड़ी ने मध्यक्रम में ऐसी मजबूती दिखाई, जिससे मैच में वेस्टइंडीज की उम्मीदें बनी हुई हैं।

दिन की शुरुआत काफी तनावपूर्ण रही। असिथा की अगुवाई में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की और लंच से ठीक पहले कैंपबेल का विकेट चटकाकर वेस्टइंडीज के प्रतिरोध को तोड़ा। लंच के बाद प्रभात जयसूर्या ने आमिर जंगी और कावेम हॉज को आउट कर वेस्टइंडीज को 141 रन पर 4 विकेट के नुकसान पर मुश्किल स्थिति में धकेल दिया था।

जवाबी हमला

हालांकि, शाई होप और जस्टिन ग्रीव्स के क्रीज पर आते ही मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। दोनों ने मिलकर 174 रनों की अटूट साझेदारी की, जिसने श्रीलंकाई स्पिनरों के खतरे को बेअसर कर दिया। स्ट्राइक रोटेट करने और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजने की रणनीति के साथ, उन्होंने वेस्टइंडीज को फॉलो-ऑन के खतरे से बाहर निकाल लिया, जो दिन के पहले पहर में काफी करीब लग रहा था।

भले ही वेस्टइंडीज अभी भी श्रीलंका से 124 रन पीछे है, लेकिन ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी सकारात्मक है। पांचवें विकेट के लिए इस जोड़ी ने जिस तरह दबाव को झेला और रन गति को बनाए रखा, उसने एक निराशाजनक हो सकने वाले दिन को टीम की वापसी के मंच में बदल दिया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह साझेदारी केवल आंकड़ों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि दबाव में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में आई परिपक्वता को भी दर्शाती है। ऐतिहासिक रूप से ऐसी स्थितियों में टीम अक्सर जल्दी विकेट गंवा देती थी, लेकिन होप और ग्रीव्स का शांत दृष्टिकोण बताता है कि लंबी अवधि के प्रारूप में उनकी रणनीति में बदलाव आया है। श्रीलंका के लिए इस साझेदारी को न तोड़ पाना एक चेतावनी है कि बोर्ड पर बड़ा स्कोर होने के बावजूद, इस पिच पर परिणाम हासिल करने के लिए धैर्य और निरंतरता की आवश्यकता है।

जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ रहा है, अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि चौथे दिन श्रीलंका कितनी जल्दी सफलता हासिल कर पाता है। यदि वेस्टइंडीज अपना स्कोर 500 रनों के करीब ले जाने में सफल रहता है, तो दबाव पूरी तरह से मेहमान टीम पर आ जाएगा, जिससे अंतिम कुछ दिन बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।