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Google और MediaTek ने 'Triggerfish' TPU चिप के साथ नई राह चुनी

गूगल के विश्लेषक गुओ मिंगची के अनुसार, गूगल अपने TPU v9 चिप को अपग्रेड कर रहा है, जिसका एक्सक्लूसिव ऑर्डर MediaTek को मिला है और 2028 तक इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन की उम्मीद है।

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 22 जून 2026· 3 मिनट पढ़ें
Google और MediaTek ने 'Triggerfish' TPU चिप के साथ नई राह चुनी
Google और MediaTek ने 'Triggerfish' TPU चिप के साथ नई राह चुनी

गूगल AI एजेंट्स की अगली पीढ़ी को पावर देने के लिए MediaTek पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहा है, जो उसकी हार्डवेयर सप्लाई चेन में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वर्चस्व की दौड़ अब सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम से आगे बढ़कर उस हार्डवेयर (सिलिकॉन) तक पहुंच गई है जो इन्हें संचालित करता है। इंडस्ट्री एनालिस्ट गुओ मिंगची ने गूगल के हार्डवेयर रोडमैप में एक बड़े बदलाव का खुलासा किया है: यह टेक दिग्गज अपने टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) v9 के एक अपग्रेडेड वर्जन पर काम कर रहा है, जिसका कोडनेम 'Triggerfish' है। मानक 'Humufish' वर्जन के विपरीत, यह विशेष चिप खास तौर पर AI एजेंट्स और जटिल रिइंफोर्समेंट लर्निंग की भारी-भरकम जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की गई है।

MediaTek ने इस हाई-वैल्यू कंपोनेंट का एक्सक्लूसिव ऑर्डर हासिल कर लिया है, जो गूगल के साथ उसकी साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाता है। हालांकि ताइवानी कंपनी पहले भी गूगल के TPU इकोसिस्टम में योगदान देती रही है—मुख्य रूप से इनपुट/आउटपुट सॉल्यूशंस के जरिए—लेकिन यह डील उन्हें गूगल के AI इंफ्रास्ट्रक्चर के एक मुख्य हिस्से की जिम्मेदारी सौंपती है। MediaTek के लिए, जो लगातार वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ रही है, यह कॉन्ट्रैक्ट 2028 तक विकास का एक बड़ा इंजन साबित हो सकता है।

तकनीकी बारीकियां: Triggerfish को क्या खास बनाता है?

Triggerfish में किए गए तकनीकी सुधार मौजूदा परफॉरमेंस बाधाओं को तोड़ने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इस चिप में ऑन-बोर्ड मेमोरी में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसमें SRAM क्षमता बेस v9 मॉडल की तुलना में दो से तीन गुना अधिक है। HBM4E मेमोरी और एक नई सिमुलेशन डाई को एकीकृत करके, गूगल प्रभावी रूप से एक ऐसा विशेष इंजन बना रहा है जो डेटा को तेजी से प्रोसेस करता है और उन रुकावटों को कम करता है जो आमतौर पर जटिल AI गणनाओं में आती हैं।

इस साझेदारी का आर्थिक पहलू भी इंजीनियरिंग जितना ही उल्लेखनीय है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स बताती हैं कि Triggerfish चिप की कीमत मानक TPU v9 से 30% अधिक है, जो इसके डिज़ाइन की जटिलता को दर्शाता है। जहां बेस 'Humufish' मॉडल 4 से 5 मिलियन यूनिट्स के साथ मुख्य काम करता रहेगा, वहीं गूगल अपने सबसे गहन वर्कलोड को संभालने के लिए 1 से 2 मिलियन अतिरिक्त 'Triggerfish' यूनिट्स तैयार कर रहा है।

यह क्यों मायने रखता है: बड़ी तस्वीर

यह कदम सिर्फ एक नई चिप के बारे में नहीं है; यह गूगल द्वारा अपनी सप्लाई चेन के जोखिम को कम करने और यथास्थिति को चुनौती देने का एक सोचा-समझा प्रयास है। Broadcom, Intel और Marvell जैसे खिलाड़ियों के साथ साझेदारी में विविधता लाकर और MediaTek के साथ अपने संबंधों को गहरा करके, गूगल व्यवस्थित रूप से एक हार्डवेयर 'किला' बना रहा है। ऐसे उद्योग में जो फिलहाल Nvidia के GPU प्रभुत्व से ग्रस्त है, गूगल का दांव यह है कि विशेष, इन-हाउस सिलिकॉन ही स्वायत्त AI एजेंट्स के युग को जीतने के लिए आवश्यक लागत-दक्षता और परफॉरमेंस प्रदान करेगा।

निवेशक इन बदलावों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं क्योंकि इनका असर शेयर बाजार और व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर पड़ रहा है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव अक्सर गूगल के शेयर की कीमतों में अल्पकालिक प्रतिक्रिया पैदा करते हैं, लेकिन लंबी अवधि का लक्ष्य स्पष्ट है: गूगल अब केवल सामान्य-उद्देश्य वाले हार्डवेयर पर निर्भर रहने के लिए तैयार नहीं है। वे एक ऐसे कस्टम-बिल्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहे हैं जो यह सुनिश्चित करेगा कि वे न केवल AI की दौड़ में शामिल रहें, बल्कि उसकी गति भी निर्धारित करें।

इसका उत्पादन 2027 के अंत में शुरू होने की उम्मीद है, और इन चिप्स का वास्तविक प्रभाव 2028 में बाजार में देखने को मिलेगा। जैसे-जैसे सॉफ्टवेयर क्षमता और हार्डवेयर क्षमता के बीच की रेखाएं धुंधली हो रही हैं, एक सर्च दिग्गज और एक चिप डिज़ाइनर के बीच का यह सहयोग संभवतः आने वाले दशक में टेक कंपनियों के लिए एक ब्लूप्रिंट का काम करेगा।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।