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ससेक्स के होनहार खिलाड़ी से टीम इंग्लैंड तक: जेम्स कोल्स के उदय की कहानी

16 की उम्र में रचा इतिहास...पहली बार वनडे टीम में मिला मौका, कौन हैं जेम्स, जो भारत के खिलाफ दिखाएंगे दम

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 4 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
ससेक्स के होनहार खिलाड़ी से टीम इंग्लैंड तक: जेम्स कोल्स के उदय की कहानी
ससेक्स के होनहार खिलाड़ी से टीम इंग्लैंड तक: जेम्स कोल्स के उदय की कहानी

20 वर्षीय यह ऑलराउंडर, जिसने 16 साल की उम्र में डेब्यू करके रिकॉर्ड तोड़े थे, अब अपने करियर के नए शिखर पर है और भारत के खिलाफ खेलने के लिए तैयार है।

इंग्लिश क्रिकेट सर्किट लंबे समय से प्रतिभाओं की खान रहा है, लेकिन जेम्स कोल्स जैसी तेजी से आगे बढ़ने वाली कहानियां बहुत कम देखने को मिलती हैं। जब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा की, तो इस युवा ऑलराउंडर का चयन केवल उनके मौजूदा फॉर्म का नतीजा नहीं था—यह उस सफर को मिली मान्यता थी, जो उनके ड्राइविंग लाइसेंस पाने से भी पहले शुरू हो गई थी।

कोल्स ने पहली बार 2021 में सबका ध्यान खींचा, जब वे महज 16 साल 157 दिन की उम्र में ससेक्स के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। द ओवल में सरे के खिलाफ बॉब विलिस ट्रॉफी में कदम रखते ही उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी। रॉरी बर्न्स, बेन फोक्स और जेमी स्मिथ जैसे स्थापित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के विकेट लेकर इस युवा स्पिनर ने साबित कर दिया कि उनका खेल उनकी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व है।

घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड

एक प्रतिभाशाली किशोर से सीनियर टीम के सदस्य बनने तक का उनका सफर घरेलू क्रिकेट में उनके बेहतरीन प्रदर्शन की नींव पर टिका है। दाएं हाथ के बल्लेबाज और स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज कोल्स ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में नौ शतकों के साथ 3,441 रन बनाए हैं और 74 विकेट भी चटकाए हैं। ससेक्स यूथ सेटअप और ऑक्सफोर्ड के मैग्डलेन कॉलेज स्कूल में निखरी उनकी यह बहुमुखी प्रतिभा उन्हें हैरी ब्रूक की टीम के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनाती है।

इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल भविष्य के लिए एक बड़ी उम्मीद के रूप में, कोल्स आधुनिक क्रिकेटरों की उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो नंबर छह पर पारी को संभालने के साथ-साथ गेंदबाजी में भी महत्वपूर्ण विकेट निकाल सकते हैं। अंडर-19 क्रिकेट से इंग्लैंड लायंस और फिर सीनियर वनडे टीम तक का उनका सफर उस कठोर विकास प्रक्रिया का परिणाम है, जिसे ईसीबी ने पिछले एक दशक में तैयार किया है।

यह चयन क्यों महत्वपूर्ण है

भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए कोल्स का चयन केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर के व्यस्त होने के कारण, इंग्लैंड स्पष्ट रूप से उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है जिन्होंने घरेलू सर्किट में काफी अनुभव हासिल किया है। उनके कौशल को देखते हुए, चयनकर्ता इस बात पर दांव लगा रहे हैं कि वे भारत की चुनौतीपूर्ण स्पिन पिचों पर दबाव को झेलने में सक्षम हैं।

उनके करियर पर नजर रखने वाले प्रशंसकों के लिए, यह सीरीज एक बड़ी परीक्षा होगी। क्या काउंटी क्रिकेट में दबदबा बनाने वाला यह खिलाड़ी भारत-इंग्लैंड मुकाबले के दबाव और रणनीतिक जटिलताओं को संभाल पाएगा? अगर उनके शुरुआती करियर को देखें, तो ससेक्स का यह युवा खिलाड़ी बड़े मंचों से घबराने वाला नहीं है।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।