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भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद: मानसून की रफ्तार बढ़ी, 17 राज्यों में अलर्ट जारी

कल का मौसम 29 जून: दिल्ली-यूपी में कल हो सकती है बारिश, जानें अपने शहर का हाल

द्वारा अनन्या अय्यरप्रकाशित 28 जून 2026· 3 मिनट पढ़ें
भीषण गर्मी के बाद 17 राज्यों में मानसून की दस्तक और तेज हवाओं का अलर्ट
भीषण गर्मी के बाद 17 राज्यों में मानसून की दस्तक और तेज हवाओं का अलर्ट

जून की भीषण गर्मी अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है, लेकिन IMD ने 29 जून के लिए व्यापक मौसम चेतावनी जारी की है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के जरिए राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर भारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेने वाली चिलचिलाती गर्मी अब एक बड़े बदलाव की ओर है। जो लोग कल का मौसम जानना चाहते हैं, उनके लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 17 राज्यों में भारी बारिश, धूल भरी आंधी और 85 किमी/घंटा की रफ्तार तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। यह केवल एक छोटी बारिश नहीं है, बल्कि एक बड़ा मौसमी बदलाव है जो उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के विशाल क्षेत्रों को प्रभावित करेगा।

राजधानी दिल्ली में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। हालांकि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन लोगों को 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं और बारिश के लिए तैयार रहना चाहिए। उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी कुछ ऐसा ही हाल है, जहां गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद से लेकर प्रयागराज और कानपुर तक के जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है। यहां हवा की गति 60 किमी/घंटा तक पहुंचने की आशंका है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

मौसम में व्यापक बदलाव

यह अस्थिरता केवल राजधानी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। बिहार में 29 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश और तूफान की स्थिति बनी रहेगी, जिसमें पटना, दरभंगा और भागलपुर जैसे शहर मुख्य रूप से प्रभावित होंगे। पूर्वी भारत में झारखंड में भी इसी तरह की हलचल देखी जाएगी। राजस्थान, जिसे अक्सर देश का 'भट्टी' कहा जाता है, वहां भी इसका असर दिखेगा। जयपुर और जोधपुर में तेज हवाओं और अचानक होने वाली बारिश से पारा गिरने की उम्मीद है।

इस बीच, पहाड़ी राज्य भी इससे अछूते नहीं रहेंगे। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 29 जून से जुलाई की शुरुआत तक लगातार बारिश का दौर रहेगा। पहाड़ी इलाकों में हवा की गति 65 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान है, जिसे देखते हुए IMD ने शिमला, मनाली और ऋषिकेश जैसे पर्यटन केंद्रों के लिए संभावित खतरों को लेकर आगाह किया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है: बड़ी तस्वीर

यह मौसमी हलचल इस जून में मानसून के आने और उसके बदलते स्वरूप को दर्शाती है। 17 राज्यों का एक साथ अलर्ट पर होना यह बताता है कि यह कोई सामान्य तूफान नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर वायुमंडलीय बदलाव है। कृषि क्षेत्र और शहरी बुनियादी ढांचे के लिए, ये तेज हवाएं बारिश जितनी ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनसे खड़ी फसलों और बिजली ग्रिड को नुकसान हो सकता है।

हालांकि मौजूदा मौसम का पूर्वानुमान उमस से तुरंत राहत दिलाता है, लेकिन यह हमारे बदलते जलवायु पैटर्न की याद भी दिलाता है। मानसून के आने का समय छोटा और अधिक तीव्र होता जा रहा है। IMD ने संकेत दिया है कि 2 जुलाई से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इन बदलावों पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि इन अलर्ट्स की जानकारी होने से आप अपनी यात्रा और दिनचर्या को सुरक्षित बना सकते हैं। चाहे आप दिल्ली में हों या यूपी के सुदूर इलाकों में, संदेश साफ है: इस सप्ताहांत आसमान पर नजर रखें।

द्वारा अनन्या अय्यर
वैश्विक मामले संवाददाता

अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।