आखिरकार टूटा तिलिस्म: अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रोलैंड-गैरॉस में जीता अपना पहला ग्रैंड स्लैम
'हमेशा से उन्हें एक खास खिलाड़ी माना': ज्वेरेव के ग्रैंड स्लैम जीतने पर बोले सचिन तेंदुलकर

जर्मन स्टार ने आखिरकार एक थका देने वाले पांच सेटों के मुकाबले में अपना पहला मेजर खिताब जीत लिया, जिसे लेकर 'मास्टर ब्लास्टर' ने भी अपनी मुहर लगाई है।
पेरिस की लाल मिट्टी (क्ले कोर्ट) पर अलेक्जेंडर ज्वेरेव का गिरना उनके करियर की पूरी कहानी बयां कर रहा था। चार घंटे तक चले इस मैराथन मुकाबले में फ्लेवियो कोबोली के खिलाफ 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से जीत दर्ज कर जर्मन स्टार ने आखिरकार अपने पुराने डर को पीछे छोड़ दिया। सालों तक, 25 बार के टूर विजेता ज्वेरेव की पहचान बड़े मंचों पर चूकने वाले खिलाड़ी के रूप में रही थी। तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल हारने के बाद—जिसमें 2020 यूएस ओपन की वह चर्चित हार भी शामिल है—फ्रेंच ओपन में ज्वेरेव की यह जीत उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो उन्हें हमेशा 'उपविजेता' का टैग देते थे।
यह मैच उतार-चढ़ाव से भरा रहा। जहां ज्वेरेव ने अपनी ताकतवर सर्विस से शुरुआत में दबदबा बनाया, वहीं इटली के कोबोली ने हार नहीं मानी और मैच को पांचवें सेट तक खींच ले गए। कोबोली के लिए यह करियर का सबसे शानदार प्रदर्शन था, जो इससे पहले कभी किसी मेजर टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़े थे। हालांकि, जैसे-जैसे कोर्ट पर शाम ढली, टूर्नामेंट की थकान साफ नजर आने लगी। अंतिम सेट में कोबोली की ऊर्जा कम होने लगी, जिसका फायदा उठाकर ज्वेरेव ने अपने पेशेवर करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब सुरक्षित कर लिया।
मास्टर ब्लास्टर की सराहना
यह जीत केवल यूरोपियन टेनिस सर्किट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का भी ध्यान खींचा। 'X' (ट्विटर) पर तेंदुलकर ने इस लंबे सूखे को खत्म करने के लिए ज्वेरेव के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की। पूर्व क्रिकेटर ने कहा, "कभी-कभी टेनिस में खिलाड़ियों की मेहनत का फल मिलने में काफी लंबा समय लग जाता है।" ज्वेरेव के सफर को सालों से देख रहे तेंदुलकर ने आगे कहा, "हमेशा से लगता था कि वह एक खास खिलाड़ी हैं!" यह उस खिलाड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने लंबे समय तक उम्मीदों का भारी बोझ ढोया है।
यह जीत क्यों मायने रखती है
यह जीत पुरुष टेनिस में एक बड़े बदलाव का संकेत है। 2024 फ्रेंच ओपन में शीर्ष खिलाड़ियों की कमी साफ दिखी: कार्लोस अल्काराज चोट के कारण बाहर थे, जबकि वर्ल्ड नंबर वन जानिक सिनर और नोवाक जोकोविच को शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा। दिग्गजों की गैरमौजूदगी में ज्वेरेव ने साबित किया कि वह बाकी खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा लचीले हैं। अपने चौथे मेजर फाइनल में खिताब जीतकर, वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हो गए हैं जिन्होंने कई बार दिल टूटने के बाद आखिरकार सफलता हासिल की है। यह परिणाम बताता है कि पुरुष टेनिस में अब बड़े खिताब जीतने का रास्ता और अधिक खुला और अनिश्चित हो गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो फाइनल वीकेंड के दबाव को झेल सकते हैं।
ज्वेरेव के लिए यह ट्रॉफी सिर्फ एक इनाम नहीं है; यह उस अध्याय का अंत है जिसने सालों तक उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित किया था। उन्होंने अपने अतीत की गलतियों को दोहराने से खुद को बचा लिया। भले ही कोबोली खाली हाथ लौटे, लेकिन उन्होंने नए चैंपियन को अपनी सीमा तक धकेल दिया, जिससे यह फाइनल दोनों खिलाड़ियों के जज्बे के लिए याद रखा जाएगा। आखिरकार, तमाम नाकामियों के बाद ज्वेरेव का नाम अब आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है।
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