EPF खातों में ब्याज का पैसा: 7.5 करोड़ खाताधारकों के लिए बड़ी राहत, जानें आपके खाते में कब आएंगे पैसे
PF का ब्याज आज से मिलेगा, 7.5 करोड़ EPF खाताधारकों के खाते में 15 दिन में आएंगे पैसे, 10 लाख वालों को कितना मिलेगा?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज दर को बरकरार रखा है, जिससे देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिली है।
अगर आप नौकरीपेशा हैं और अपने पीएफ (PF) बैलेंस के बढ़ने का इंतज़ार कर रहे थे, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ईपीएफ (EPFO) जमा पर ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की गई है। अंशदाताओं को पिछले साल की तरह इस बार भी 8.25 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद, यह राशि अगले 15 दिनों के भीतर 7.5 करोड़ खाताधारकों के खातों में पहुंचना शुरू हो जाएगी।
निकासी और सेटलमेंट में बड़ा बदलाव
ब्याज के अलावा, सरकार ने 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देने के लिए नियमों में कुछ क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब ऑटो-सेटलमेंट एडवांस क्लेम (ASAC) की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसका मतलब है कि अब सदस्य शिक्षा, शादी, और आवास जैसे जरूरी कामों के लिए बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई के 5 लाख रुपये तक की निकासी ऑटो-मोड के जरिए कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल है और अधिकांश क्लेम मात्र तीन दिनों के भीतर प्रोसेस किए जा रहे हैं।
निष्क्रिय खातों पर EPFO का मास्टरस्ट्रोक
ईपीएफओ ने उन लोगों के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया है जिनके खाते वर्षों से बंद पड़े हैं। विभाग करीब 7 लाख ऐसे निष्क्रिय खातों में फंसी 30.52 करोड़ रुपये की राशि सीधे खाताधारकों के बैंक खातों में वापस भेजने जा रहा है। ये वे खाते हैं जिनमें पिछले 36 महीनों से कोई लेन-देन नहीं हुआ और जिनका बैलेंस 1,000 रुपये या उससे कम है। इस पैसे को पाने के लिए किसी भी क्लेम फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं है; यदि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है, तो यह पैसा स्वतः ही आपके अकाउंट में पहुंच जाएगा।
क्यों यह मायने रखता है (The Bigger Picture)
यह बदलाव केवल ब्याज दरों के बारे में नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थित वित्तीय सुधार की ओर इशारा करता है। 8.25 फीसदी का ब्याज, जो कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और पोस्ट ऑफिस की अधिकांश बचत योजनाओं से अधिक है, ईपीएफ को भारतीय मध्यम वर्ग के लिए सबसे सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में स्थापित करता है। साथ ही, यूपीआई और एटीएम के जरिए भविष्य में पीएफ निकासी की सुविधा देने का प्रस्ताव यह दिखाता है कि ईपीएफओ का ध्यान अब सेवा वितरण को सरल और सुलभ बनाने पर है। नौकरी बदलने के दौरान दो महीने के गैप को भी रेगुलर सेवा में गिनने का निर्णय लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
आगे की राह
आने वाले समय में, ईपीएफओ अपनी कार्यप्रणाली में और भी डिजिटल सुधार करने की तैयारी में है। मई या जून तक यूपीआई के माध्यम से निकासी की सुविधा शुरू होने के संकेत हैं। साथ ही, ईपीएफ और ईपीएस (EPS) वेतन सीमा में बदलाव का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जो भविष्य में लाखों कर्मचारियों को पेंशन और पीएफ के बेहतर लाभ दिला सकता है। फिलहाल, खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपना केवाईसी (KYC) अपडेट रखें ताकि किसी भी सरकारी लाभ के हस्तांतरण में देरी न हो।
कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।