दाम्बुला में धमाका: अविष्का की बदौलत श्रीलंका फाइनल में, अब भारत से होगी टक्कर
अविष्का का शानदार प्रदर्शन, श्रीलंका ने भारत के साथ फाइनल का टिकट पक्का किया | डेली मिरर - श्रीलंका
श्रीलंका ए ने अफगानिस्तान ए पर एक आसान जीत दर्ज करते हुए भारत के साथ खिताबी मुकाबले के लिए मंच तैयार कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में क्रिकेट का रोमांच चरम पर है।
दाम्बुला स्टेडियम में कल श्रीलंका ए ने अफगानिस्तान ए को पूरी तरह पस्त कर दिया। 103 रनों की इस जीत के साथ श्रीलंका ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। हालांकि उपमहाद्वीप के प्रशंसक लगातार श्रीलंका बनाम अफगानिस्तान लाइव क्रिकेट स्कोर पर नजरें गड़ाए हुए थे, लेकिन मेजबान टीम द्वारा 323 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद जीत की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। इस जीत के नायक अविष्का रहे, जिनकी शानदार बल्लेबाजी ने टीम को उस स्कोर तक पहुंचाया, जिसे पार करना मेहमान टीम के लिए नामुमकिन साबित हुआ।
श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों ने लक्ष्य का पीछा कर रही अफगान टीम की कमर तोड़ दी। फ्लड लाइट्स के नीचे दुलज समुदिथा और कुगाथास मैथुलन की गेंदबाजी का कोई जवाब नहीं था, जिन्होंने मिलकर आठ विकेट चटकाए और पूरी अफगान टीम को महज 219 रनों पर समेट दिया। स्थानीय लोगों के लिए, यह जीत सिर्फ फाइनल में पहुंचने से कहीं बढ़कर है; यह फाइनल में भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले अपनी ताकत दिखाने जैसा है।
बड़ी तस्वीर
यह जीत ऐसे समय में आई है जब श्रीलंका घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। जहां दैनिक सुर्खियों में दया ग्रुप और पीपल्स बैंक के बीच कानूनी लड़ाई से लेकर अमेरिका-ईरान युद्धविराम तक की खबरें छाई हुई हैं, वहीं क्रिकेट का मैदान एक दुर्लभ और एकजुट करने वाला जरिया बना हुआ है।
भारत के खिलाफ होने वाला आगामी फाइनल स्कोरबोर्ड से कहीं अधिक मायने रखता है। दोनों देश वर्तमान में 30 किलोमीटर लंबे लैंड ब्रिज की व्यवहार्यता पर चर्चा कर रहे हैं, जो दोनों पड़ोसियों के बीच गहरे होते भौतिक और आर्थिक संबंधों का प्रतीक है। जैसे-जैसे श्रीलंकाई सरकार इस बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी देने की तैयारी कर रही है, क्रिकेट का मैदान सीमा पार बढ़ते जुड़ाव का एक पूर्वाभ्यास बन गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह त्रिकोणीय सीरीज क्षेत्रीय प्रतिभाओं की अगली पीढ़ी के लिए एक लिटमस टेस्ट साबित हो रही है। एक मजबूत अफगान टीम को हराकर, श्रीलंका ने अपनी उस गहराई को साबित किया है जिस पर हाल ही में सवाल उठाए जा रहे थे। डेली मिरर और मैगस्टर के माध्यम से खबरों पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू खेल की गति को बनाए रखने के लिए ऐसे प्रदर्शन आवश्यक हैं, खासकर तब जब देश आईएमएफ द्वारा अनिवार्य राजकोषीय सुधारों और सामाजिक सब्सिडी की सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहा हो।
क्या राष्ट्रीय टीम फाइनल में भारत के खिलाफ भी इसी अनुशासन को दोहरा पाएगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। फिलहाल, खेल जगत की नजरें इसी मुकाबले पर टिकी हैं, क्योंकि यह द्वीप राष्ट्र एक हाई-वोल्टेज मुकाबले की तैयारी कर रहा है, जो राष्ट्रीय गौरव और बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य की वास्तविकताओं के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।