दलाल स्ट्रीट में सुस्त शुरुआत के आसार, वैश्विक संकेतों से बदली हवा
प्री-मार्केट एक्शन: आज के ट्रेडिंग सत्र के लिए तैयार रखें अपनी रणनीति
GIFT Nifty के सतर्क शुरुआत के संकेतों के बीच, निवेशक वैश्विक संकेतों और बदलती मुद्रा गतिशीलता के जटिल जाल के बीच 24,000 के सपोर्ट लेवल पर नजर बनाए हुए हैं।
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह का माहौल थोड़ा ठंडा है। GIFT Nifty के 26 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 24,015 पर कारोबार करने से संकेत मिल रहे हैं कि बाजार की शुरुआत सुस्त हो सकती है। जहां एशियाई बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई का जश्न मना रहे हैं—उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने से तेल से जुड़ी महंगाई कम होगी—वहीं भारतीय निवेशक घरेलू तकनीकी संकेतों और BSE की साप्ताहिक ऑप्शंस एक्सपायरी पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
तकनीकी सेटअप
आज के सत्र में ट्रेडर्स के लिए 24,000 का स्तर एक पिवट पॉइंट बना हुआ है। यह तत्काल सपोर्ट जोन है; यदि इंडेक्स इससे नीचे फिसलता है, तो हम 23,800 की ओर गिरावट देख सकते हैं। दूसरी ओर, यदि बुल 24,100 के ऊपर निर्णायक बढ़त बनाने में सफल रहते हैं, तो 24,300 तक की रैली का रास्ता साफ हो जाएगा। बाजार के डर का पैमाना 'इंडिया VIX' 4% घटकर 12.67 पर आ गया है, जो बताता है कि शुरुआत सतर्क है, लेकिन फिलहाल घबराहट का माहौल नहीं है।
मुद्रा और कमोडिटी के उतार-चढ़ाव
भारतीय रुपया काफी मजबूत नजर आ रहा है और इसने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार पांचवें सत्र में बढ़त दर्ज की है, जो एक साल में इसकी सबसे लंबी जीत का सिलसिला है। निर्यातकों और कर्जदाताओं द्वारा डॉलर की आक्रामक बिकवाली से आई यह मजबूती, जापानी येन के बिल्कुल विपरीत है, जो चार दशकों के निचले स्तर के करीब संघर्ष कर रहा है। इस बीच, सोने की कीमतें दबाव में हैं और लगातार तीसरे साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रही हैं, क्योंकि डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख पीली धातु पर दबाव बना रहा है।
यह क्यों मायने रखता है: बड़ी तस्वीर
हालांकि कुछ खुदरा निवेशक दैनिक अस्थिरता के बीच यह सवाल पूछ रहे हैं कि "आज बाजार नीचे क्यों है", लेकिन व्यापक तस्वीर बाजार के समायोजन (calibration) की है। हम एक ऐसे दौर में हैं जहां वैश्विक बाजार फेड द्वारा संभावित दर वृद्धि को समायोजित करने की कोशिश कर रहे हैं, साथ ही तेल आपूर्ति मार्गों से उपजी भू-राजनीतिक आशावाद को भी प्रबंधित कर रहे हैं। घरेलू बाजार फिलहाल मजबूत स्थानीय मुद्रा और वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के बीच फंसा हुआ है। निवेशकों को दैनिक शोर से ऊपर उठकर यह देखना चाहिए कि इंडेक्स 24,000 के स्तर को कैसे संभालता है, क्योंकि यह आने वाले सप्ताह की गति तय करेगा।
मार्केट वॉच
बाजार खुलने से पहले, F&O सेगमेंट पर नजर रखें। Kaynes Securities आज भी बैन पीरियड में है, क्योंकि इसकी मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट 95% की सीमा को पार कर गई है। साप्ताहिक एक्सपायरी के कारण बाजार में अतिरिक्त अस्थिरता रहने की संभावना है, इसलिए इस सुस्त सत्र में ट्रेडर्स के लिए अपनी पोजीशन को अनुशासित तरीके से मैनेज करना महत्वपूर्ण होगा।
अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।