ढाका में कूपर कोनोली का कमाल, ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को क्लीन स्वीप से रोका
कूपर कोनोली की शानदार 149 रनों की पारी से आखिरी ओवर में जीता ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश का सूपड़ा साफ होने से बचा
युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की जुझारू शतकीय पारी ने तनावपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत दिलाई और सीरीज में क्लीन स्वीप का खतरा टाल दिया।
ढाका की उमस भरी गर्मी में दबाव साफ महसूस किया जा सकता था, खासकर तब जब शोरिफुल इस्लाम की घातक गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलिया का मध्यक्रम लड़खड़ा गया। शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मेहमान टीम के लिए 275 रनों का लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन जल्द ही स्थिति बिगड़ने लगी। कोनोली ने मोर्चा संभाला और अपने करियर का पहला वनडे शतक जड़कर मैच का रुख पलट दिया। यह पारी निश्चित रूप से विदेशी धरती पर किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी द्वारा खेली गई बेहतरीन पारियों में गिनी जाएगी।
बांग्लादेश ने तौहीद हृदय के 83 रनों और अंत में लिटन दास व मोसादेक हुसैन की तेज बल्लेबाजी की बदौलत 274/5 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जब शोरिफुल इस्लाम ने ऑस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम को ध्वस्त करना शुरू किया—और छह विकेट चटकाकर बांग्लादेश की जीत पक्की कर दी—तब लगा कि मेजबान टीम के हाथ में मैच है। तस्कीन अहमद और शोरिफुल ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया को 71/3 पर ला खड़ा किया था, और जोश इंग्लिस व मैट रेनशॉ पवेलियन लौट चुके थे।
कोनोली का प्रतिरोध
हालांकि, कोनोली ने हार नहीं मानी। दिन चढ़ने के साथ मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैम्प्स) के बावजूद, उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया। मार्नस लाबुशेन के साथ उनकी साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को स्थिरता दी, और बाद में कैमरून ग्रीन के साथ 58 रनों की साझेदारी ने रन-रेट को नियंत्रण में रखा। जब उन्होंने महज 87 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, तो उन्होंने घरेलू दर्शकों को शांत कर दिया और मैच को एकतरफा जीत की ओर मोड़ दिया।
अंतिम ओवर काफी तनावपूर्ण थे। शोरिफुल इस्लाम ने वापसी करते हुए ओलिवर पीक और जेवियर बार्टलेट को लगातार गेंदों पर आउट कर अपने पांच विकेट पूरे किए। पुछल्ले बल्लेबाजों के क्रीज पर होने और मुस्तफिजुर रहमान की सटीक गेंदबाजी के बीच तनाव चरम पर था। फिर भी, कोनोली के संयम ने ऑस्ट्रेलिया को तीन गेंद शेष रहते 277/9 के स्कोर तक पहुंचाकर जीत दिलाई।
बड़ी तस्वीर
यह जीत क्यों मायने रखती है: यह केवल 3-0 की शर्मिंदगी से बचने के बारे में नहीं है, बल्कि यह टीम की गहराई को दर्शाती है। उपमहाद्वीप की कठिन परिस्थितियों में दबाव के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की जीत उनकी बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत साबित करती है। बांग्लादेश के लिए यह सीरीज सकारात्मक रही, जिसने दिखाया कि वे विश्व स्तरीय टीमों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं, लेकिन अंतिम मैच न जीत पाना उन्हें खलेगा। कोनोली की व्यक्तिगत प्रतिभा और शोरिफुल इस्लाम की घातक गेंदबाजी दोनों टीमों में नई पीढ़ी के उदय का संकेत है, जो दबाव में भी मैच खत्म करने का दम रखते हैं।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।