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स्क्रीन से परे: 'लगान' रीयूनियन में क्यों छा गया बाघा का परिवार

वीडियो: लगान के बाघा की पत्नी खूबसूरती में बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को देती हैं टक्कर

द्वारा कबीर शर्माप्रकाशित 17 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
स्क्रीन से परे: 'लगान' रीयूनियन में बाघा का परिवार छाया
स्क्रीन से परे: 'लगान' रीयूनियन में बाघा का परिवार छाया

चंपारण के उस मशहूर गांव को दर्शकों के दिलों में बसे हुए दो दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन 'लगान' की 25वीं सालगिरह पर अमीन हाजी के परिवार का रीयूनियन फिल्म के सदाबहार संगीत की तरह ही चर्चा में है।

हाल ही में 'लगान' की सिल्वर जुबली के दौरान पुरानी यादें ताजा हो गईं, लेकिन बॉलीवुड के बड़े सितारों के बीच, फिल्म में गूंगे मंदिर ढोलक वादक 'बाघा' का किरदार निभाने वाले अमीन हाजी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अमीन हाजी अपनी पत्नी चार्लोट व्हिटबी-कोल्स और अपनी बेटियों के साथ इवेंट में पहुंचे, और तब से ही उनके परिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 2001 की इस क्लासिक फिल्म को याद करने वाले फैंस के लिए, अभिनेता को उनके परिवार के साथ देखना एक सुखद एहसास था, जो यह याद दिलाता है कि फिल्म रिलीज हुए कितना लंबा समय बीत चुका है।

सिनेमा से जुड़ी एक प्रेम कहानी

अमीन और चार्लोट की कहानी उतनी ही फिल्मी है जितनी कि वह फिल्म जिसने उन्हें करीब लाया। उनकी मुलाकात 'लगान' के सेट पर हुई थी, जब चार्लोट, जो एक ब्रिटिश सामाजिक मानवविज्ञानी और फिल्म निर्माता हैं, महज 23 साल की थीं। भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी शूटिंग के दौरान शुरू हुआ पेशेवर रिश्ता एक जीवन भर के साथ में बदल गया। उन्होंने 2005 में शादी की और दो अलग-अलग दुनिया को एक साथ जोड़ा। रीयूनियन में उन्हें साथ देखना सिर्फ एक सेलिब्रिटी की झलक नहीं थी; बल्कि यह उन निजी जिंदगियों की एक दुर्लभ और जमीनी झलक थी जो कैमरे बंद होने के बाद भी चलती रहती हैं।

अगली पीढ़ी

इवेंट के फुटेज सामने आने के बाद सिर्फ यह कपल ही नहीं, बल्कि उनकी बेटियां, समर और स्काई हाजी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गईं। जहां समर ने एक स्लीक ब्लू जंपसूट पहना था, वहीं उनकी बहन स्काई ने ग्रे क्रॉप टॉप और जींस में एक रिलैक्स्ड और मॉडर्न लुक अपनाया। पार्टी में उनकी मौजूदगी ने जनता की रुचि में आए बदलाव को दर्शाया: दर्शक अब सिर्फ पुराने सितारों के दीवाने नहीं हैं, बल्कि पर्दे के पीछे रहने वाले उनके 'असली' परिवारों को जानने में भी उतनी ही दिलचस्पी ले रहे हैं।

यह क्यों मायने रखता है: पुरानी यादों की ताकत

दो दशक बाद हम एक चरित्र अभिनेता के परिवार के बारे में इतना क्यों सोच रहे हैं? यह 'लगान इफेक्ट' है। आशुतोष गोवारिकर की यह मास्टरपीस सिर्फ एक फिल्म नहीं थी; यह एक सांस्कृतिक मील का पत्थर थी जिसने भारतीय मनोरंजन के एक युग को परिभाषित किया। जब भी 'लगान' की कास्ट फिर से मिलती है, तो यह उस दौर की सामूहिक यादों को ताजा कर देती है जब बॉलीवुड कुछ अलग और अधिक स्वाभाविक लगता था। ये वायरल पल दर्शकों की पुरानी यादों और आज के डिजिटल दौर के बीच एक सेतु का काम करते हैं। फैंस के लिए, यह वीडियो सिर्फ एक मशहूर व्यक्ति के परिवार के बारे में नहीं है; बल्कि यह उस किरदार का अपडेट है जो कभी हमारे पड़ोसी जैसा लगता था, जो साबित करता है कि महान फिल्मों में छोटे किरदार भी कितनी गहरी भावनात्मक छाप छोड़ते हैं।

द्वारा कबीर शर्मा
फ़ीचर्स लेखक

कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।