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मैदान से परे: वर्जिल वैन डाइक कैसे 'ओरांजे' ड्रेसिंग रूम की तस्वीर बदल रहे हैं

ओरांजे कप्तान वर्जिल वैन डाइक ने वर्ल्ड कप चयन पर अपनी भूमिका का खुलासा किया: 'हम खिलाड़ियों के व्यक्तित्व और टीम संयोजन पर चर्चा करते हैं'

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 14 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
मैदान से परे: वर्जिल वैन डाइक कैसे 'ओरांजे' ड्रेसिंग रूम की तस्वीर बदल रहे हैं
मैदान से परे: वर्जिल वैन डाइक कैसे 'ओरांजे' ड्रेसिंग रूम की तस्वीर बदल रहे हैं

डच राष्ट्रीय टीम के कप्तान ने टीम चयन प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भूमिका का खुलासा करते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत चमक के बजाय टीम केमिस्ट्री को अधिक महत्व देते हैं।

आधुनिक फुटबॉल खिलाड़ी की भूमिका अब केवल मैदान पर रणनीति को अंजाम देने तक सीमित नहीं रह गई है। ओरांजे-कप्तान वर्जिल वैन डाइक के लिए, उनकी जिम्मेदारियां अब बोर्डरूम और चयन समिति तक फैल गई हैं। एक स्पष्ट बातचीत में, वैन डाइक ने खुलासा किया कि टीम के गठन में उनका काफी प्रभाव है। वे अब केवल एक डिफेंडर नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम के एक रणनीतिकार की भूमिका भी निभा रहे हैं।

ओरांजे टीम के लिए चयन प्रक्रिया अब केवल कोचिंग स्टाफ का एकतरफा फैसला नहीं रह गई है। वैन डाइक ने हाल ही में पुष्टि की कि वे और नेतृत्व समूह टीम के निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल हैं। जब वर्ल्ड कप (WK) के लिए चयन की बात आती है, तो ध्यान केवल तकनीकी आंकड़ों या क्लब के हालिया प्रदर्शन पर ही नहीं होता। इसके बजाय, टीम का नेतृत्व संभावित खिलाड़ियों के व्यक्तित्व पर 'चर्चा' (bespreken) करने में समय बिताता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनका 'चरित्र' (karakters) मौजूदा टीम संस्कृति के अनुकूल हो।

एकजुटता की रणनीति

डच राष्ट्रीय टीम के लिए, टीम के 'संयोजन' (samenstelling) को दीर्घकालिक स्थिरता के नजरिए से देखा जाता है। वर्जिल, जिन्हें उनके साथी इसी नाम से बुलाते हैं, का मानना है कि प्रतिभाशाली व्यक्तियों का समूह भी बिखर सकता है यदि उनके बीच आपसी तालमेल न हो। नए खिलाड़ियों के पुराने खिलाड़ियों के साथ तालमेल का आकलन करने में सीधे तौर पर शामिल होकर, ओरांजे-कप्तान यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि टीम उन अहंकारी टकरावों से बचे, जिन्होंने अतीत में कई प्रतिभाशाली डच टीमों को नुकसान पहुंचाया है।

यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय टीमों के प्रबंधन के तरीके में एक बदलाव का संकेत है। चयन प्रक्रिया में कप्तान को शामिल करके, कोचिंग स्टाफ पहले ट्रेनिंग सत्र से पहले ही खिलाड़ियों का भरोसा जीत लेता है। यह चयन को बाहरी थोपे गए फैसले के बजाय एक सामूहिक जिम्मेदारी बना देता है।

यह क्यों मायने रखता है: बड़ी तस्वीर

खिलाड़ियों के नेतृत्व वाली प्रबंधन की यह प्रवृत्ति एलीट खेलों में एक बड़े बदलाव को दर्शाती है, जहां भावनात्मक बुद्धिमत्ता को शारीरिक कौशल जितना ही महत्व दिया जाता है। जब वर्जिल जैसे कद का खिलाड़ी टीम की संरचना को प्रभावित करता है, तो यह जवाबदेही की संस्कृति पैदा करता है। यदि कप्तान द्वारा डाला गया यह 'प्रभाव' (invloed) बेहतर परिणाम देता है, तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि अन्य प्रमुख देश भी खिलाड़ी-स्टाफ के बीच इस तरह के संवाद को औपचारिक रूप देंगे।

अंततः, इस कदम का उद्देश्य आपसी मतभेदों को कम करना है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में, जहां साथ बिताने के लिए समय सीमित होता है, वहां टीम का तुरंत एक-दूसरे के साथ घुल-मिल जाना ही ट्रॉफी जीतने और जल्दी बाहर होने के बीच का अंतर तय करता है। चयन चरण के दौरान चरित्र की अनुकूलता को प्राथमिकता देकर, डच टीम इस विचार पर दांव लगा रही है कि एक एकजुट समूह हमेशा सितारों के बिखरे हुए संग्रह से बेहतर प्रदर्शन करेगा।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।