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हाइप से परे: हनिबल मेज़बरी सिर्फ डेविड बेकहम से तुलना से कहीं बढ़कर क्यों हैं

ट्यूनीशिया के हनिबल मेज़बरी की तुलना डेविड बेकहम से क्यों की गई?

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 15 जून 2026· 3 मिनट पढ़ें
हाइप से परे: हनिबल मेज़बरी और डेविड बेकहम की तुलना
हाइप से परे: हनिबल मेज़बरी और डेविड बेकहम की तुलना

पेरिस में जन्मे इस मिडफील्डर का मैनचेस्टर यूनाइटेड अकादमी से बर्नली तक का सफर उन्हें ट्यूनीशिया के लिए एक अहम खिलाड़ी बना चुका है, जिसने उनकी नेतृत्व शैली और खेल की पहचान पर तीखी बहस छेड़ दी है।

माहौल किसी शाही समारोह जैसा था, जिसमें स्ट्रोब लाइट्स, आग की लपटें और एक ऐसा म्यूजिकल काउंटडाउन था जिसे देखकर कोई रॉकस्टार भी शरमा जाए। जब हनिबल मेज़बरी मैदान पर उतरे, तो संदेश साफ था: ट्यूनीशिया ने अपनी सबसे कीमती प्रतिभाओं में से एक को हासिल कर लिया है। पेरिस के उपनगरों में जन्मे और फ्रांस के लिए U16 और U17 स्तर पर खेल चुके मेज़बरी का अपनी अंतरराष्ट्रीय निष्ठा को उत्तर अफ्रीकी देश (ट्यूनीशिया) की ओर मोड़ने का फैसला पूरे देश में जश्न का कारण बना। यह ट्यूनीशिया के लिए एक बड़ी जीत थी, जिसने उनके शुरुआती वर्षों के दौरान बार्सिलोना, पीएसजी और टोटेनहम जैसे दिग्गजों को पछाड़कर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था।

अकादमी की चर्चा से वर्ल्ड कप के मंच तक

23 वर्षीय खिलाड़ी के इर्द-गिर्द बनी चर्चा सिर्फ उनके तकनीकी कौशल के बारे में नहीं है। 2020 और 2024 के बीच मैनचेस्टर यूनाइटेड में अपने कार्यकाल के दौरान, मेज़बरी क्लब की पहचान से जुड़ी चर्चाओं का केंद्र बन गए थे। यूनाइटेड के पूर्व फर्स्ट-टीम डेवलपमेंट चीफ निकी बट, जिन्होंने इस मिडफील्डर को U23 के दिनों से विकसित होते देखा था, ने उनके खेल में मौजूद दोहरेपन को तुरंत पहचान लिया था। जहां कुछ प्रशंसक रॉय कीन जैसे आक्रामक और मुखर लीडर की मांग कर रहे थे, वहीं बट ने कुछ अलग देखा—एक शांत तीव्रता जो 'क्लास ऑफ 92' की याद दिलाती थी।

निकी बट ने क्लब में अपने समय के दौरान कहा था, "हनिबल एक लीडर हैं। उनके खेलने का अंदाज पूरी तरह से ऊर्जा से भरा (100mph) होता है।" उन्होंने लीडर्स को दो श्रेणियों में बांटा: कीन या ब्रायन रॉबसन जैसे मुखर और आक्रामक खिलाड़ी, और वे जो अपनी कड़ी मेहनत से उदाहरण पेश करते हैं। इसी दूसरी श्रेणी में बट ने डेविड बेकहम का नाम लिया और मेज़बरी को पॉल स्कोल्स और रयान गिग्स के साथ रखा, जो मैदान पर अपनी प्रतिबद्धता से सम्मान हासिल करते हैं।

यह क्यों मायने रखता है: उम्मीदों का बोझ

डेविड बेकहम से तुलना उनके खेलने की शैली के बारे में कम और संक्रमण के दौर से गुजर रहे क्लब में 'वंडरकिड' होने के मनोवैज्ञानिक बोझ के बारे में ज्यादा है। ओल्ड ट्रैफर्ड में मेज़बरी का समय टीम की हिम्मत और पहचान की तलाश से परिभाषित हुआ; लिवरपूल के खिलाफ 4-0 की हार में उनका एक प्रदर्शन इस बात की कड़वी याद दिलाता है कि क्षमता और प्रदर्शन के बीच कितना अंतर है। बर्मिंघम सिटी और सेविला में उनके लोन और उसके बाद बर्नली में स्थायी ट्रांसफर एक व्यावहारिक बदलाव को दर्शाता है। अब वह सिर्फ एक अकादमी के खिलाड़ी नहीं हैं; वह एक अनुभवी EFL खिलाड़ी हैं जो अपने दूसरे वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हैं।

ट्यूनीशिया के लिए, मेज़बरी एक सांस्कृतिक और खेल सेतु का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपनी जड़ों को न भूलने का उनका संकल्प और इंग्लैंड में उनका हाई-प्रोफाइल करियर उन्हें उस टीम का चेहरा बनाता है जो 2026 वर्ल्ड कप में मौजूदा स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही है। क्या वह अपनी '100mph' ऊर्जा को विश्व-स्तरीय प्रभाव में बदल पाएंगे, यह उनके करियर का सबसे बड़ा सवाल है। जैसे-जैसे वह वैश्विक मंच पर अपनी विरासत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं, बेकहम का टैग उन भारी उम्मीदों की याद दिलाता है जो किशोर अवस्था में मोनाको छोड़ने के बाद से उनके साथ जुड़ी हुई हैं।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।