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दिखावे के परे: क्यों चर्चा में है करकरिया परिवार?

अमेरिका में 'परफेक्ट फैमिली' कैसे देखें

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 26 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
दिखावे के परे: क्यों चर्चा में है करकरिया परिवार?
दिखावे के परे: क्यों चर्चा में है करकरिया परिवार?

जैसे ही करकरिया परिवार की कहानी Sony LIV पर रिलीज हुई है, यह शो मानसिक स्वास्थ्य और भारतीय घरेलू जीवन की दिखावटी छवि पर महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ रहा है।

करकरिया परिवार का लिविंग रूम सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक 'प्रेशर कुकर' जैसा है। 26 जून को Sony LIV पर रिलीज हुई नई सीरीज 'परफेक्ट फैमिली' पंजाबी परिवारों की उस सच्चाई को सामने लाती है, जिसे अक्सर भारतीय पॉप कल्चर में तो सराहा जाता है, लेकिन उसकी कमियों पर शायद ही कभी बात की जाती है। जब कहानी के बीच में एक संकट के कारण करकरिया परिवार को थेरेपी का सहारा लेना पड़ता है, तो यह शो हल्के-फुल्के पारिवारिक ड्रामा से बदलकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े उस कलंक की कच्ची सच्चाई को दिखाता है, जो आज भी हमारे घरों में गहराई से मौजूद है।

संघर्ष के पीछे के कलाकार

पंकज त्रिपाठी द्वारा निर्मित, यह शो अपनी दमदार स्टार कास्ट के दम पर आगे बढ़ता है। नेहा धूपिया 'मेघा वर्मा' के किरदार में मुख्य भूमिका निभा रही हैं, जबकि मनोज और सीमा पाहवा करकरिया परिवार के स्तंभ 'सोमनाथ' और 'कमला' के रूप में नजर आ रहे हैं। गुलशन देवैया, गिरिजा ओक और कावेरी सेठ के साथ, पूरी कास्ट डिनर टेबल पर जबरदस्ती की मुस्कान से लेकर थेरेपिस्ट के ऑफिस में की गई असहज स्वीकारोक्तियों तक के सफर को बखूबी दिखाती है। शुरुआती समीक्षाओं में कहा गया है कि भले ही शो देखने में साधारण लगे, लेकिन पाहवा और देवैया की अदाकारी इसे एक गंभीर और प्रभावशाली कहानी बनाती है।

कैसे देखें और वैश्विक पहुंच

भारत के बाहर रहने वाले दर्शकों के लिए इस शो को देखना एक चर्चा का विषय बना हुआ है। यह शो विशेष रूप से Sony LIV पर स्ट्रीम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय दर्शक जो करकरिया परिवार की इस यात्रा को देखना चाहते हैं, वे अक्सर रीजनल प्रतिबंधों का सामना करते हैं, जिसके लिए उन्हें भारतीय सर्वर से जुड़ने की आवश्यकता होती है। चाहे आप अमेरिका में हों या कहीं और, प्रक्रिया एक ही है: एक भरोसेमंद VPN और एक सक्रिय सब्सक्रिप्शन के जरिए आप इस शो का आनंद ले सकते हैं।

बड़ी तस्वीर: यह क्यों मायने रखता है

'परफेक्ट फैमिली' की सफलता—जिसे पहले ही दूसरे सीजन के लिए रिन्यू कर दिया गया है—भारतीय मनोरंजन जगत में आए एक बड़े बदलाव का संकेत है। हम अब 'आदर्श' पारिवारिक ड्रामा के दौर से आगे बढ़ रहे हैं। इंडस्ट्री आखिरकार यह मान रही है कि 'परफेक्ट' दिखने वाला परिवार ही अक्सर बंद दरवाजों के पीछे सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा होता है। एक पंजाबी परिवार को केंद्र में रखकर, इसके निर्माता उस बातचीत को शुरू कर रहे हैं जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया गया था। यह शहरी दर्शकों की उस बढ़ती मांग को दर्शाता है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारे घरेलू दबावों और संवाद के अनकहे नियमों का आईना देखना चाहते हैं।

यह सीरीज न केवल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के लिए एक जीत है, बल्कि यह इस बात का पैमाना भी है कि हमने थेरेपी से जुड़े कलंक को मिटाने में कितनी प्रगति की है। जब नेहा धूपिया जैसे बड़े सितारे मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित किसी प्रोजेक्ट का समर्थन करते हैं, तो यह आम दर्शकों के संघर्ष को भी वैधता देता है। अब सवाल यह नहीं है कि परिवार परफेक्ट है या नहीं; बल्कि यह है कि परफेक्ट दिखने की कोशिश में वे कैसे खुद को संभालते हैं।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।