फीफा वर्ल्ड कप: सिएटल में बेल्जियम ने तोड़ा USMNT का सपना
लाइव: यूएसए बनाम बेल्जियम - फीफा वर्ल्ड कप 2026 राउंड ऑफ 16
चार्ल्स डी केटेलेरे के शानदार खेल और अमेरिकी डिफेंस की नाकामी के चलते मेजबान टीम का 2026 फीफा वर्ल्ड कप का सफर समाप्त हो गया। बेल्जियम ने 4-1 की एकतरफा जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।
सिएटल स्टेडियम का माहौल बेहद रोमांचक था, जहां पूरा देश अपनी टीम के आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठा था। लेकिन सोमवार रात अमेरिका के लिए घरेलू सरजमीं पर खिताब जीतने का सपना अचानक टूट गया। बेल्जियम ने एक बेहद अनुशासित खेल दिखाते हुए अमेरिकी टीम की रक्षापंक्ति की कमजोरियों को उजागर कर दिया और घरेलू दर्शकों को खामोश कर दिया।
चार्ल्स डी केटेलेरे इस जीत के सूत्रधार रहे। अटलांटा के इस फॉरवर्ड ने मैच के नौवें मिनट में ही गोल कर बढ़त दिला दी। हालांकि 31वें मिनट में मलिक टिलमैन ने फ्री-किक के जरिए गोल कर अमेरिका को बराबरी दिलाई, लेकिन यह खुशी केवल दो मिनट ही टिक सकी। डी केटेलेरे ने हाफ टाइम से पहले फिर से बढ़त दिलाई और बाद में अमेरिकी गोलकीपर फ्रीज की गलती का फायदा उठाते हुए हैंस वनाकेन के लिए गोल सेट किया। इंजरी टाइम में रोमेलु लुकाकू ने एक और गोल कर 4-1 की जीत पक्की कर दी।
विवादास्पद शुरुआत
मैच शुरू होने से पहले ही काफी चर्चा में था। अमेरिका ने ग्रुप डी में शीर्ष पर रहते हुए और बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ जीत दर्ज कर नॉकआउट में जगह बनाई थी। हालांकि, उस जीत के दौरान स्टार फॉरवर्ड फोलारिन बालोगन को रेड कार्ड मिला था। एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में, उच्च-स्तरीय राजनीतिक अपीलों के बाद फीफा ने कार्ड को निलंबित कर दिया, जिसने वैश्विक सुर्खियां बटोरीं। अंततः, बालोगन को मिली राहत का फायदा अमेरिकी टीम को नहीं मिला और वे बेल्जियम के मजबूत डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे।
यह हार क्यों मायने रखती है
यह परिणाम अमेरिकी फुटबॉल कार्यक्रम के लिए एक कड़वी सच्चाई है। ग्रुप स्टेज में 'आक्रामक खेल' दिखाने के बावजूद, टीम एक अनुभवी यूरोपीय टीम की रणनीतिक परिपक्वता का सामना नहीं कर सकी। अपेक्षित गोल (Expected Goals) का अंतर—बेल्जियम के लिए 2.15 बनाम अमेरिका के लिए 0.67—टूर्नामेंट स्तर पर दोनों टीमों के बीच के बड़े अंतर को दर्शाता है। बेल्जियम के लिए यह जीत उनकी मजबूती को साबित करती है; पिछले दौर में सेनेगल के खिलाफ बाहर होने के कगार से बचने के बाद, अब वे खिताब के प्रबल दावेदार बन गए हैं।
आगे की राह
बेल्जियम अब लॉस एंजिल्स में स्पेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले की तैयारी करेगा। वहीं अमेरिका के लिए, घरेलू सरजमीं पर वर्ल्ड कप से जल्दी बाहर होना उनकी रक्षात्मक स्थिरता और रणनीतिक गहराई पर गहन आत्म-चिंतन का विषय होगा। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है, सिएटल में अब ध्यान मेजबान टीम के सफर से हटकर अगले दौर के मैचों पर केंद्रित हो गया है, जबकि अमेरिकी टीम के पास केवल पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचा है।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।