अजय देवगन की ‘चौहान’ के लिए मुंबई बना कश्मीर: हाई-स्टेक प्रोडक्शन की अंदरूनी कहानी
‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर: अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
अजय देवगन एक के बाद एक कई बड़ी फिल्मों में व्यस्त हैं, वहीं उनका नया प्रोजेक्ट ‘चौहान’ मुंबई के सेट्स को कश्मीर के बर्फीले और चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में बदल रहा है, ताकि लॉजिस्टिकल बाधाओं को पार कर फिल्म को पर्दे पर लाया जा सके।
अजय देवगन को लेकर इंडस्ट्री में चर्चा जोरों पर है, और इसकी वजह सिर्फ उनकी आने वाली फिल्में नहीं हैं। उनकी फिल्म 'चौहान' का एक दमदार और प्रभावशाली टीज़र सामने आया है, जो कश्मीर में पत्थरबाजी और सैन्य तनाव पर आधारित है। इस टीज़र ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। डेब्यू डायरेक्टर नीरज यादव के निर्देशन में बन रही यह फिल्म घाटी के तनावपूर्ण माहौल को दर्शाती है, लेकिन असलियत यह है कि इसकी शूटिंग मुंबई में हुई है। सिनेमैटिक क्राफ्ट का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए मेकर्स ने मुंबई की लोकेशन्स को कश्मीर के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में बदल दिया है।
पर्दे के पीछे की बात करें तो 'चौहान' की राह आसान नहीं रही है। प्रोडक्शन में करीब दो महीने की देरी हुई, जिसकी वजह प्री-प्रोडक्शन की जटिलताएं और रचनात्मक बारीकियों पर काम करना था। फिल्म की तैयारी चार-पांच महीने पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन शूटिंग का लॉजिस्टिकल तालमेल बिठाना सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ।
'स्टैंड-इन' शूटिंग की कला
प्रोडक्शन टीम ने शूटिंग के टकराव से बचने के लिए दो चरणों वाली रणनीति अपनाई। बैकग्राउंड फुटेज और माहौल से जुड़े दृश्य करीब दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय देवगन वाले सीन टीज़र रिलीज से महज 10 से 12 दिन पहले फिल्माए गए। सूत्रों के मुताबिक, सुपरस्टार ने टीज़र के लिए सेट पर सिर्फ एक दिन बिताया। बाकी हिस्सों के लिए डमी सेटअप और स्टैंड-इन एक्टर्स का सहारा लिया गया—यह एक आम चलन है जब कोई लीड एक्टर एक साथ कई बड़ी फिल्मों में काम कर रहा हो।
व्यस्त शेड्यूल और ‘रेंजर’ की डेडलाइन
अजय देवगन का कैलेंडर पूरी तरह से पैक है, जिसमें 'दृश्यम 3', 'गोलमाल 5' और पैनोरमा की एक हॉरर फिल्म जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसके साथ ही, उनकी फिल्म 'रेंजर' भी पूरी होने के कगार पर है। 'रेंजर' का आखिरी शेड्यूल इस जुलाई में मुंबई में पूरा होगा, जिसमें करीब 15 दिन का काम बाकी है। एक प्रोजेक्ट का प्रमोशन संभालना और दूसरे के क्लाइमेक्स की शूटिंग करना, अजय और उनकी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यह क्यों मायने रखता है
यह प्रोडक्शन रणनीति भारतीय मनोरंजन उद्योग में बढ़ते 'मॉड्यूलर' फिल्म निर्माण के चलन को दर्शाती है। बड़े सितारों के लिए, शूटिंग के लिए लगातार एक महीना देने का चलन अब बदल रहा है और इसकी जगह रणनीतिक, मल्टी-स्टेज शेड्यूलिंग ने ले ली है। हालांकि इससे एक्टर्स ज्यादा फिल्में कर पाते हैं, लेकिन यह डायरेक्टर नीरज यादव जैसे लोगों पर भारी दबाव डालता है, जो प्रोड्यूसर आनंद एल. राय के बैनर तले काम कर रहे हैं। उन्हें लीड एक्टर्स की सीमित मौजूदगी के बावजूद विजुअल निरंतरता बनाए रखनी पड़ती है। यह लॉजिस्टिक्स का एक ऐसा शतरंज का खेल है, जहां मुंबई के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल देश के सबसे संवेदनशील इलाकों की नकल करने के लिए किया जा रहा है। यह साबित करता है कि आधुनिक सिनेमा में 'सेट' का मतलब सिर्फ लोकेशन नहीं, बल्कि स्मार्ट मैनेजमेंट भी है।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।