Politicalpedia
बिज़नेस

IPO की तैयारी के बीच Advit Jewels का बड़ा दांव, 'Rambhajo' ब्रांड के जरिए रिटेल मार्केट में विस्तार की योजना

IPO लाने जा रही Advit Jewels अगले 3 साल में 'Rambhajo' ब्रांड के तहत 30 रिटेल शोरूम खोलेगी

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 23 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
Advit Jewels का रिटेल विस्तार और आगामी IPO की योजना
Advit Jewels का रिटेल विस्तार और आगामी IPO की योजना

जयपुर स्थित यह ज्वेलरी निर्माता कंपनी 30 नए स्टोर खोलने के लिए पब्लिक मार्केट का रुख कर रही है। कंपनी अब अपने पारंपरिक B2B मॉडल से आगे बढ़कर मिलेनियल ग्राहकों को लुभाने की तैयारी में है।

जयपुर का ज्वेलरी सेक्टर एक बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है, क्योंकि Advit Jewels अब एक पर्दे के पीछे के निर्माता से सीधे ग्राहकों से जुड़ने वाली रिटेल पावरहाउस बनने की ओर अग्रसर है। 23 जून को खुलने वाले अपने पहले IPO के साथ, कंपनी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपनी पारंपरिक B2B जड़ों से आगे निकलना चाहती है। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन गिलारा ने पुष्टि की है कि कंपनी अगले तीन वर्षों में 'Rambhajo' ब्रांड के तहत 30 नए रिटेल शोरूम खोलने की योजना बना रही है। इसका पहला फ्लैगशिप स्टोर इस साल अक्टूबर या नवंबर तक जयपुर में खुलने की उम्मीद है।

130-138 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाले इस पब्लिक ऑफर का लक्ष्य 1.19 करोड़ शेयरों के नए इश्यू के जरिए 165.15 करोड़ रुपये जुटाना है। यह पूंजी सिर्फ रिटेल दिखावे के लिए नहीं है। Advit की योजना 65 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने और 65 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के लिए आवंटित करने की है, ताकि कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत रहे और स्टोर विस्तार में कोई बाधा न आए। हालांकि बाजार में ipo gmp और लिस्टिंग गेन्स को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन कंपनी की मुख्य रणनीति लंबी अवधि के परिचालन विस्तार पर केंद्रित है।

रिटेल की ओर कदम

रिटेल क्षेत्र में विस्तार करना Advit Jewels के लिए एक सोच-समझकर लिया गया जोखिम है। कंपनी ने कुंदन, पोलकी और डायमंड जड़ित पारंपरिक और समकालीन फाइन ज्वेलरी में अपनी पहचान बनाई है। गिलारा ने बताया कि नए 'Rambhajo' आउटलेट्स विशेष रूप से जेन Z और मिलेनियल खरीदारों को ध्यान में रखकर हल्के और ट्रेंडी ज्वेलरी कलेक्शन पेश करेंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल लाइनों को अलग रखेगी; थोक ग्राहकों के लिए तैयार किए गए डिजाइन रिटेल शोरूम में नहीं बेचे जाएंगे, और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ी हुई मांग को संभालने के लिए पर्याप्त है।

विस्तार की रणनीति फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित होगी, जिसकी शुरुआत उत्तर भारत से होगी और बाद में इसे दक्षिण भारतीय बाजारों में ले जाया जाएगा। यह क्षेत्रीय दृष्टिकोण बताता है कि कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने से पहले ब्रांड वैल्यू बनाने के लिए सतर्क और ठोस कदम उठा रही है। 31 दिसंबर को समाप्त नौ महीनों के लिए, कंपनी ने 123.79 करोड़ रुपये का राजस्व और 25.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो प्रतिस्पर्धी रिटेल बाजार में उतरने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

Advit Jewels का यह कदम स्थापित भारतीय ज्वेलरी निर्माताओं के बीच एक बड़े चलन को दर्शाता है: डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) और रिटेल ब्रांडिंग की ओर झुकाव। IPO से प्राप्त राशि का उपयोग करके, ये कंपनियां खुद को थोक और B2B बाजारों की अस्थिरता से बचाने की कोशिश कर रही हैं। चूंकि ड्यूटी स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण सोने के आयात में उतार-चढ़ाव होता रहता है, ऐसे में एक मजबूत कंज्यूमर-फेसिंग ब्रांड होना आपूर्ति पक्ष की अनिश्चितताओं के खिलाफ एक सुरक्षा कवच का काम करता है। निवेशकों के लिए, इस बदलाव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी रिटेल विस्तार की उच्च परिचालन लागत को कैसे प्रबंधित करती है और एक शुद्ध निर्माता के रूप में मिलने वाले मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।