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बारिश से बाधित उलटफेर: 350 रन का लक्ष्य देकर कैसे हारी इंडिया ए, अफगानिस्तान ने मारी बाजी

350 रन का टारगेट देकर कैसे हारी वैभव सूर्यवंशी की इंडिया ए, अफगानिस्तान ने बनाए सिर्फ 177 रन

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 14 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
बारिश से बाधित उलटफेर: 350 रन का लक्ष्य देकर कैसे हारी इंडिया ए, अफगानिस्तान ने मारी बाजी
बारिश से बाधित उलटफेर: 350 रन का लक्ष्य देकर कैसे हारी इंडिया ए, अफगानिस्तान ने मारी बाजी

अफगान टीम की अनुशासित बल्लेबाजी और अंपायर के एक विवादास्पद फैसले के चलते इंडिया ए को त्रिकोणीय सीरीज के इस मुकाबले में DLS नियम के तहत करीबी हार का सामना करना पड़ा।

क्रिकेट के आंकड़े अक्सर मैदान पर खेल की गुणवत्ता को बयां नहीं कर पाते, और इंडिया ए बनाम अफगानिस्तान ए के हालिया मुकाबले में यह साफ तौर पर दिखा। 349 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद, सितारों से सजी भारतीय टीम डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के फेर में फंस गई और लगातार बारिश के कारण अफगान पारी रुकने पर चार रन से मैच हार गई।

भारतीय पारी की शुरुआत युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने बिना एक भी छक्का लगाए महज 22 गेंदों में 44 रन बनाए और 200 की स्ट्राइक रेट बरकरार रखी। उनके आउट होने के बाद गति थोड़ी धीमी जरूर हुई, लेकिन कप्तान तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और प्रभसिमरन सिंह की 84 रनों की जुझारू पारी ने इंडिया ए को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि, अब्दुल्ला अहमदजई के पांच विकेटों ने अफगानिस्तान को मुकाबले में बनाए रखा और स्कोर को और बड़ा होने से रोक दिया।

मैच का टर्निंग पॉइंट

जब दूसरी पारी के दौरान बारिश शुरू हुई, तो मुकाबला DLS के पार स्कोर (par score) की दौड़ बन गया। 38 ओवर में 294 रनों के संशोधित लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ए ने गजब का संयम दिखाया। कप्तान इमरान ने नाबाद 75 रनों की पारी खेली, जिसमें हसन इसाखिल और बहीर शाह के अर्धशतक का भरपूर साथ मिला। जब 25.5 ओवर के बाद खिलाड़ियों को मैदान से बाहर जाना पड़ा, तब अफगानिस्तान का स्कोर 2 विकेट पर 177 रन था—जो कि जरूरी स्कोर से ठीक चार रन आगे था।

हालांकि, इस नतीजे पर विवाद भी हुआ। निर्णायक मोड़ तब आया जब भारतीय गेंदबाजों के पास सेट बल्लेबाज और अफगान कप्तान इमरान को आउट करने का सुनहरा मौका था। मैदानी अंपायरों ने अपील ठुकरा दी, और लंबे समय तक चले टीवी अंपायर रिव्यू के बाद फैसला बल्लेबाज के पक्ष में गया। यह जीवनदान भारत के लिए घातक साबित हुआ, जिससे अफगान कप्तान को बारिश आने तक पारी संभालने का मौका मिल गया।

यह हार क्यों मायने रखती है

यह हार तकनीकी रूप से DLS गणना का परिणाम है, लेकिन यह भारत की विकास प्रक्रिया के लिए एक बड़ी चुनौती को उजागर करती है। टीम प्रबंधन के लिए मुख्य समस्या यह है कि जब बाहरी परिस्थितियां—जैसे मौसम या अंपायरिंग—अस्थिर हो जाती हैं, तो टीम दबाव वाले मैचों को जीत में नहीं बदल पाती। हालांकि News18Hindi की एजेंसी टीम द्वारा लिखी गई और त्रिकोणीय मैच की हाइलाइट्स के बाद अपडेट की गई इस मूल रिपोर्ट का प्राथमिक स्रोत हार की निराशा को दर्शाता है, लेकिन बड़ा सबक इन मिड-टियर सीरीज की अस्थिरता है। जैसे-जैसे इंडिया ए 13 जून को होने वाले रीमैच की तैयारी कर रही है, ध्यान केवल रन बनाने से हटकर परिस्थितियों के अनुसार खेलने पर होना चाहिए।

यह ध्यान देने योग्य है कि जहां श्रीलंका ए क्रिकेट टीम अन्य क्षेत्रों में चर्चा बटोर रही है, वहीं उनकी अनुपस्थिति यहां भारत और अफगानिस्तान के बीच चल रही रणनीतिक लड़ाई को और अधिक स्पष्ट करती है। युवा भारतीय टीम के लिए यह सिर्फ एक हार नहीं, बल्कि यह सीखने का सबक था कि कैसे DLS के दबाव में एक मजबूत स्थिति पल भर में हाथ से निकल सकती है।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।