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एक बहुप्रतीक्षित पदार्पण: वर्ल्ड कप में मिनटों के लिए जियोवानी लो सेल्सो की जद्दोजहद

उना कुएंटा पेंडिएंट: अर्जेंटीना के लिए वर्ल्ड कप में अपने पहले मिनट की तलाश में लो सेल्सो

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 28 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
एक बहुप्रतीक्षित पदार्पण: वर्ल्ड कप में मिनटों के लिए जियोवानी लो सेल्सो की जद्दोजहद
एक बहुप्रतीक्षित पदार्पण: वर्ल्ड कप में मिनटों के लिए जियोवानी लो सेल्सो की जद्दोजहद

रणनीतिक फैसलों और चोटों के कारण पिछले टूर्नामेंटों से बाहर रहने के बाद, रियल बेटिस के मिडफील्डर आखिरकार वैश्विक मंच पर अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं।

अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल का सफर अक्सर क्रूर विडंबनाओं से भरा होता है, और वर्तमान अर्जेंटीना टीम में जियोवानी लो सेल्सो की कहानी सबसे भावुक करने वाली कहानियों में से एक है। जहां घर में सुर्खियां अक्सर लाउतारो मार्टिनेज की शानदार फिनिशिंग से भरी रहती हैं, वहीं 30 वर्षीय इस मिडफील्डर का संघर्ष इस अभियान के सबसे दिलचस्प पहलुओं में से एक है। जैसे-जैसे टीम जॉर्डन के खिलाफ अपने अंतिम ग्रुप स्टेज मैच की तैयारी कर रही है, लो सेल्सो एक ऐसे मील के पत्थर के सामने खड़े हैं जो पिछले एक दशक से उनसे दूर रहा है: वर्ल्ड कप में उनका पहला मिनट।

अनुपस्थिति से बना करियर

टूर्नामेंट के साथ लो सेल्सो का रिश्ता निराशाओं से भरा रहा है। एक मिडफील्डर के रूप में उनका सफर 2018 में जॉर्ज साम्पोली के नेतृत्व में शुरू हुआ था, जहां वे रोसारियो सेंट्रल के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद एक होनहार प्रतिभा के रूप में रूस पहुंचे थे। फिर भी, वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक दर्शक ही बने रहे और साइडलाइन से अर्जेंटीना के अभियान को 16वें दौर में बिखरते हुए देखते रहे। यह एक विशेष निराशा थी, एक अधूरा कर्ज जैसा अहसास—उना कुएंटा पेंडिएंट

2022 कतर टूर्नामेंट से पहले दिल टूटने का सिलसिला एक अलग स्तर पर पहुंच गया। तब तक, वे लियोनेल स्कालोनी की रणनीति का एक अहम हिस्सा बन चुके थे। वे सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि टीम की धुरी थे। अंतिम समय में लगी मांसपेशियों की चोट ने उनसे टीम में जगह छीन ली और उन्हें एक ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनने से रोक दिया। दो अलग-अलग मुंडियालिस्टा (वर्ल्ड कप) टीमों का हिस्सा होने के बावजूद मैदान पर कदम न रख पाना आधुनिक फुटबॉल में दुर्लभ है, एक ऐसा सांख्यिकीय संयोग जिसे वे केवल गोलकीपर जेरोनिमो रुली के साथ साझा करते हैं।

जॉर्डन के खिलाफ मौका

शनिवार को जॉर्डन के खिलाफ मुकाबला इस कहानी को पूरा करने का सही मंच है। अर्जेंटीना पहले ही नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर चुका है, ऐसे में स्कालोनी अपनी टीम में बदलाव कर सकते हैं। जियोवानी के लिए, यह सिर्फ अंकों का रिकॉर्ड बनाए रखने वाला मैच नहीं है; यह वह क्षण है जब वे आखिरकार अपने इतिहास की परछाइयों से बाहर निकलेंगे। सिलेक्शन (अर्जेंटीना टीम) लंबे समय से उच्च दांव वाली जगह रही है, लेकिन लो सेल्सो के लिए यह मैच परिस्थितियों पर उनकी व्यक्तिगत जीत का प्रतीक है।

यह क्यों मायने रखता है

विश्लेषणात्मक नजरिए से देखें तो यह कहानी एलीट इंटरनेशनल फुटबॉल की कठोरता को उजागर करती है। अक्सर, हम उन सितारों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो एक पीढ़ी को परिभाषित करते हैं, और उन खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर देते हैं जो टीम को मजबूती देते हैं। लो सेल्सो का धैर्य इस बात की याद दिलाता है कि उच्चतम स्तर पर कितनी सहनशीलता की आवश्यकता होती है। यदि वे जॉर्डन के खिलाफ खेलते हैं, तो यह स्कालोनी को एक रणनीतिक सुरक्षा कवच प्रदान करेगा; यह जानते हुए कि वे एक ऐसे अनुभवी खिलाड़ी पर भरोसा कर सकते हैं जो वर्षों से सिस्टम का हिस्सा रहा है—भले ही उसने टूर्नामेंट में मिनट न खेले हों—यह एक ऐसी विलासिता है जिसकी हर कोच कामना करता है। यह उनकी व्यावसायिकता का प्रमाण है कि वे उस सीटी का इंतजार कर रहे हैं जो आखिरकार उनके लंबे इंतजार को खत्म कर देगी।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।