Politicalpedia
राष्ट्रीय

भीषण गर्मी में हुडी: लोहगढ़ में कैसे एक 'ट्रेकिंग हादसा' खौफनाक मर्डर केस में बदल गया

पुणे मर्डर प्लॉट: हुडी, बाली जाने की योजना, 'सांप वाली कहानी' — केतन अग्रवाल केस की पूरी सच्चाई

द्वारा अनन्या अय्यरप्रकाशित 24 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
भीषण गर्मी में हुडी: लोहगढ़ में कैसे एक 'ट्रेकिंग हादसा' खौफनाक मर्डर केस में बदल गया
भीषण गर्मी में हुडी: लोहगढ़ में कैसे एक 'ट्रेकिंग हादसा' खौफनाक मर्डर केस में बदल गया

पुणे पुलिस ने एक 20 वर्षीय युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने एक दुखद हादसे का नाटक रचकर केतन अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी।

पुणे की भीषण गर्मी में लोहगढ़ किले के रास्ते आमतौर पर सुनसान रहते हैं, लेकिन 18 जून को तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के करीब था। ऐसे में किले के टिकट काउंटर के सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स का हुडी पहनकर घूमना पुलिस को खटका। उसका चेहरा ढका हुआ था और वह रियल एस्टेट बिजनेसमैन केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था। जो एक सामान्य ट्रेकिंग ट्रिप लग रही थी, वह केतन के पहाड़ से गिरने के बाद एक त्रासदी में बदल गई। लेकिन जैसे ही पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की, 'दुर्घटना' की कहानी पूरी तरह ढह गई।

जांचकर्ताओं को जल्द ही पता चला कि हुडी पहने वह शख्स 22 वर्षीय चेतन चौधरी था, जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि उसके सिया के साथ अवैध संबंध थे। हालांकि सिया ने केतन के परिवार को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान उसका पैर फिसल गया था, लेकिन डिजिटल सबूतों ने कुछ और ही कहानी बयां की। गर्मी के मौसम में हुडी पहनना पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग था। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि सिया बार-बार पीछे मुड़कर देख रही थी और हुडी वाला शख्स बिल्कुल उसके इशारों पर अपनी स्थिति बदल रहा था।

साजिश की परतें

जांच से पता चला कि यह हत्या अचानक हुई कोई घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साजिश में सिर्फ पहाड़ पर ले जाना ही शामिल नहीं था, बल्कि पुलिस बाली जाने की योजना और लोहगढ़ जाने से पहले हुई संदिग्ध घटनाओं की भी जांच कर रही है। केतन के पिता ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी 'सांप के हमले' की एक कहानी रची गई थी, जिसमें सिया ने दावा किया था कि उसी जगह पर सांप ने उन पर हमला किया था। पुलिस का मानना है कि वह केतन की जान लेने का पहला असफल प्रयास था।

जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ती गईं, 'दुर्घटना' का यह मामला हत्या में तब्दील हो गया। पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट भी शामिल हैं, जो एक खुशहाल जोड़े की तस्वीर पेश कर रहे थे, जबकि हकीकत में बिजनेसमैन को एक जाल में फंसाया जा रहा था। इस मामले की पूर्व-नियोजित प्रकृति ने स्थानीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

यह केस याद दिलाता है कि कैसे डिजिटल सर्विलांस भारत में आपराधिक जांच को बदल रहा है। ऐसे दौर में जब अपराधी 'हादसों' की आड़ में छिपने की कोशिश करते हैं, सीसीटीवी और मेटाडेटा की बारीकी से जांच झूठी कहानियों को बेनकाब कर रही है। हालांकि, यह त्रासदी व्यक्तिगत विश्वासघात के बढ़ते घातक चलन को भी उजागर करती है, जहां सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली 'परफेक्ट लव स्टोरी' के पीछे जानलेवा इरादे छिपे थे। यह शहरी केंद्रों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक सबक है कि वे रहस्यमयी मौतों की ऊपरी सतह से परे जाकर जांच करें।

द्वारा अनन्या अय्यर
वैश्विक मामले संवाददाता

अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।