संतुलन की चुनौती: वैश्विक शांति की उम्मीद और फेड की सतर्कता तय करेगी शुक्रवार का बाजार
बाजार से पहले: 10 बातें जो शुक्रवार को शेयर बाजार की चाल तय करेंगी
जैसे-जैसे भारतीय सूचकांक लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज कर रहे हैं, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिकी मौद्रिक नीति में संभावित बदलाव बाजार की अगली चाल के लिए मंच तैयार कर रहे हैं।
दलाल स्ट्रीट के बुल झुकने को तैयार नहीं हैं। गुरुवार सुबह शुरुआती उतार-चढ़ाव और मामूली गिरावट के बावजूद, सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने वापसी की और लगातार पांचवें सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,410 पर और निफ्टी 50 24,168 पर बंद हुआ। जो लोग gift nifty today live फीड देख रहे हैं, उनके लिए स्पष्ट है: बाजार फिलहाल मध्य पूर्व में संघर्ष विराम की उम्मीद और केविन वॉर्श के नेतृत्व में फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बीच रस्साकशी में फंसा हुआ है।
वैश्विक नब्ज
इस सप्ताह मैक्रो-नैरेटिव में नाटकीय बदलाव आया है। अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर—जिससे संघर्ष विराम 60 दिनों के लिए बढ़ गया है—राहत का मुख्य कारण बना है। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले रहने से तेल की कीमतों में लगभग 3% की गिरावट आई है, जो मुद्रास्फीति के दबाव के खिलाफ एक जरूरी राहत प्रदान करती है, जो आमतौर पर केंद्रीय बैंकों को आक्रामक रूप से दरें बढ़ाने के लिए मजबूर करती है।
अटलांटिक के दूसरी ओर, अमेरिकी बाजार औद्योगिक आशावाद की एक विशेष लहर पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इंटेल में लगभग 8% की तेजी और रिकॉर्ड ऊंचाई, जिसे एप्पल के साथ घरेलू चिप डिजाइन साझेदारी से बल मिला, ने फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इस तकनीकी उछाल ने वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल दिया है, हालांकि यूरोपीय बाजार अभी भी सतर्क हैं और इस साल के अंत में संभावित ब्याज दर वृद्धि पर फेड के संकेतों को लेकर आशंकित हैं।
घरेलू लचीलापन
घरेलू मोर्चे पर, बैंकिंग शेयर इस रैली के स्पष्ट नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहे हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदें और आकर्षक वैल्यूएशन निफ्टी को सहारा दे रहे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर का कहना है कि हालांकि बाजार का रुख सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों में अभी भी बहुत ज्यादा उत्साह नहीं है। भारतीय बॉन्ड यील्ड में जारी नरमी वाशिंगटन से आ रहे सख्त संकेतों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संतुलन का काम कर रही है।
यह क्यों मायने रखता है: बड़ी तस्वीर
पैटर्न स्पष्ट है: बाजार फिलहाल 'उम्मीदों' पर आधारित मैक्रो कारकों पर चल रहा है। निवेशक दांव लगा रहे हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट फेड के हालिया रुख से पैदा हुए मुद्रास्फीति के डर को कम करने के लिए पर्याप्त राहत देगी। यदि शांति समझौता बना रहता है, तो वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में ब्याज दर का माहौल अधिक स्थिर हो सकता है। हालांकि, सावधानी अभी भी बनी हुई है। things that will decide stock market action on Friday इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति की अनिश्चितता के बजाय संघर्ष विराम के फायदों को प्राथमिकता देना जारी रखते हैं। आगे देखते हुए, बाजार की action इस बात से तय होगी कि व्यापक सूचकांक—जिन्होंने स्मॉलकैप और मिडकैप में बढ़त के साथ अच्छा स्वास्थ्य दिखाया है—सप्ताहांत में कैसे प्रदर्शन करते हैं।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।