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हरारे में इतिहास: 12 साल बाद ज़िम्बाब्वे की घरेलू टेस्ट जीत में नगारवा और करन का जलवा

ज़िम्बाब्वे ने 12 साल बाद जीती घरेलू टेस्ट सीरीज, नगारवा का फाइव-विकेट हॉल और करन की सेंचुरी बनी गेमचेंजर!

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 6 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
हरारे में इतिहास: 12 साल बाद ज़िम्बाब्वे की घरेलू टेस्ट जीत में नगारवा और करन का जलवा
हरारे में इतिहास: 12 साल बाद ज़िम्बाब्वे की घरेलू टेस्ट जीत में नगारवा और करन का जलवा

12 साल का लंबा इंतज़ार खत्म, जिम्बाब्वे ने अफगानिस्तान को एक पारी और 73 रनों से हराकर टेस्ट क्रिकेट में की जोरदार वापसी।

हरारे के मैदान पर जब अंपायर ने आखिरी विकेट के लिए उंगली उठाई, तो वहां सिर्फ एक जीत का जश्न नहीं था, बल्कि एक पूरे क्रिकेटिंग राष्ट्र के लंबे इंतजार का अंत था। ज़िम्बाब्वे ने अफगानिस्तान के खिलाफ यह टेस्ट मैच जीतकर 12 साल का घरेलू टेस्ट सूखा खत्म कर दिया है। यह जीत महज आंकड़ों में नहीं, बल्कि इरादों में झलक रही थी, जहां रिचर्ड नगारवा का घातक five-wicket haul और बेन करन का धैर्यपूर्ण century गेमचेंजर साबित हुए।

जीत की पटकथा

मैच के तीसरे दिन जब क्रेग इरविन की टीम मैदान पर उतरी, तो उनका लक्ष्य स्पष्ट था। 2013 के बाद से अपनी धरती पर टेस्ट जीत के लिए तरस रही ज़िम्बाब्वे टीम ने अफगानिस्तान को कोई मौका नहीं दिया। पहली पारी में ब्रैड इवांस के पांच विकेटों ने नींव रखी, जिसे दूसरी पारी में नगारवा ने अपनी घातक स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से एक ऐतिहासिक जीत में बदल दिया। अफगानिस्तान की बल्लेबाजी लाइनअप, जिसमें इब्राहिम जादरान और हशमतुल्लाह शाहिदी जैसे नाम शामिल थे, नगारवा और ब्लेज़िंग मुज़ारबानी की जोड़ी के सामने पूरी तरह बेबस दिखी।

करन और रज़ा की जुगलबंदी

ज़िम्बाब्वे की innings का सबसे निर्णायक मोड़ वह साझेदारी रही, जिसने बोर्ड पर 359 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। बेन करन ने 121 रनों की शानदार century जड़कर अपनी क्लास दिखाई, जबकि सिकंदर रज़ा ने 65 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। यह स्कोर इस pitch पर मैच जिताने के लिए पर्याप्त था। दूसरी ओर, अफगानिस्तान के कप्तान शाहिदी ने स्वीकार किया कि पहले दिन 77/1 से 127 रनों पर पूरी टीम का सिमट जाना ही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई, जिससे वे पूरे मैच में बैकफुट पर रहे।

यह जीत क्यों मायने रखती है?

यह test जीत ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों और युवा जोश का तालमेल अब रंग लाता दिख रहा है। टेस्ट एरेना में एक पारी से जीत हासिल करना, वह भी लंबे अरसे बाद, टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। यह दिखाता है कि अगर कंडीशंस का सही इस्तेमाल किया जाए और अनुशासन के साथ गेंदबाजी की जाए, तो ज़िम्बाब्वे किसी भी बड़ी टीम को हराने का माद्दा रखती है।

बड़ी तस्वीर

क्रिकेट जगत में अब यह चर्चा तेज हो रही है कि क्या ज़िम्बाब्वे का यह प्रदर्शन आगामी सीरीज़ों में भी बरकरार रहेगा। हालांकि सोशल मीडिया पर ज़िम्बाब्वे बनाम बांगलादेश की आगामी संभावित भिड़ंत को लेकर फैंस उत्साहित हैं, लेकिन फिलहाल फोकस इस बात पर है कि कैसे zimbabwe ने एक व्यवस्थित और अनुशासित home test प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दिया है। आने वाले समय में, यह जीत उनके क्रिकेट ढांचे में सुधार के लिए एक बेंचमार्क के रूप में देखी जाएगी।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।