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PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत: अब ₹5 लाख तक का ऑटो-क्लेम और जल्द ही एटीएम से निकासी

PF का ब्‍याज आज से मिलेगा, 7.5 करोड़ EPF खाताधारकों के खाते में 15 दिन में आएंगे पैसे, 10 लाख वालों को कितना मिलेगा?

By Kabir SharmaPublished 3 July 2026· 3 min read
PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत: अब ₹5 लाख तक का ऑटो-क्लेम और जल्द ही एटीएम से निकासी
PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत: अब ₹5 लाख तक का ऑटो-क्लेम और जल्द ही एटीएम से निकासी

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 7.5 करोड़ सदस्यों के लिए डिजिटल सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है, जिसमें ऑटो-क्लेम की सीमा बढ़ाना और भविष्य में एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा शामिल है।

अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो पीएफ (EPF) का पैसा अक्सर एक ऐसी बचत होती है जिसे जरूरत के समय निकालना किसी बड़ी कवायद से कम नहीं होता। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफओ (EPFO) के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बैंक स्तर का बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि जल्द ही ऑटो सेटलमेंट एडवांस क्लेम (ASAC) की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जा रही है।

यह बदलाव उन लोगों के लिए गेम-चेंजर है जो शिक्षा, शादी या घर खरीदने जैसे खर्चों के लिए पीएफ से पैसा निकालना चाहते हैं। पहले यह सुविधा केवल बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने तक सीमित थी, लेकिन अब ईपीएफओ ने इसे तीन अन्य श्रेणियों में भी जोड़ दिया है। इस पूरी प्रक्रिया की खूबसूरती यह है कि इसमें मानवीय हस्तक्षेप शून्य है; 95% क्लेम अब ऑटोमेटेड तरीके से महज 3 दिनों के भीतर प्रोसेस हो रहे हैं।

सीधे बैंक खातों में पहुंच रहा है 'भूला-बिसरा' पैसा

डिजिटल सुधार केवल भविष्य की बात नहीं है, बल्कि यह उन पुराने खातों पर भी लागू हो रहा है जो सालों से निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) पड़े थे। ईपीएफओ ने करीब 7 लाख ऐसे निष्क्रिय खातों की पहचान की है जिनमें ₹1,000 या उससे कम की राशि फंसी हुई है। कुल 30.52 करोड़ रुपये की यह राशि बिना किसी आवेदन या कागजी कार्रवाई के सीधे खाताधारकों के आधार-लिंक बैंक खातों में भेजी जा रही है। अगर आपका पुराना पीएफ अकाउंट है, तो आपके खाते में भी यह पैसा आ सकता है।

एटीएम और यूपीआई की राह

आने वाले समय में पीएफ निकासी की प्रक्रिया आपके पास के एटीएम से उतनी ही आसान हो सकती है, जितनी सैलरी विड्रॉल। श्रम मंत्रालय ने एनपीसीआई (NPCI) के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद साल 2025 तक ईपीएफओ सदस्य यूपीआई (UPI) और एटीएम के जरिए सीधे फंड निकाल सकेंगे। यह नई आईटी 2.1 प्रणाली बैंकिंग स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगी, जो लंबी कागजी प्रक्रियाओं को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखती है।

यह बदलाव क्यों मायने रखता है?

यह बदलाव सिर्फ एक तकनीकी अपडेट नहीं है, बल्कि 'Ease of Living' की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। भारत के करोड़ों कार्यबल के लिए, जिनका बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों में बार-बार बदलाव करता है, पीएफ का पैसा अक्सर 'ब्लॉक' हो जाता था। क्लेम रिजेक्शन की दर को 50% से घटाकर 30% तक लाना यह दिखाता है कि प्रशासन अब फाइल-पुशिंग के बजाय 'डिजिटल-फर्स्ट' अप्रोच अपना रहा है।

ईपीएफओ के ये सुधार यह सुनिश्चित करने की कोशिश हैं कि कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई पर तब नियंत्रण रखें जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो। फिलहाल, जो सदस्य ब्याज और क्लेम सेटलमेंट का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए आने वाले 15 दिन राहत भरे हो सकते हैं, क्योंकि सरकारी स्तर पर दावों का निपटारा तेज गति से किया जा रहा है।

By Kabir Sharma
Features Writer

Kabir Sharma writes on culture, technology and everyday life for PoliticalPedia.