बाजार की तेजी के बीच इन 3 शेयरों पर दांव लगाने की तैयारी, ब्रोकरेज ने दिया 2050 रुपये का टारगेट
इन 3 शेयरों में दिख रहा दम, ब्रोकरेज ने दिया 2050 रुपये तक का टारगेट; क्या आपके पोर्टफोलियो में हैं ये स्टॉक्स?
भारतीय शेयर बाजार में लौटती खरीदारी के बीच चॉइस ब्रोकिंग ने तीन मिड-कैप शेयरों में मजबूत तकनीकी संकेत देखते हुए निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके तलाशे हैं।
सप्ताह की शुरुआत में घरेलू शेयर बाजार ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। शुक्रवार की प्रॉफिट बुकिंग के बाद सोमवार को बाजार में खरीदारी का जोर रहा, जिससे सेंसेक्स 291 अंक चढ़कर 77,094 के स्तर पर बंद हुआ और निफ्टी ने भी 24,102.90 के स्तर को छुआ। बाजार के इस सकारात्मक रुख के बीच, चॉइस ब्रोकिंग ने HPL Electric and Power, Pearl Global Industries (PGIL) और Wheels India जैसे शेयरों पर बुलिश नजरिया अपनाया है।
खरीदारी के लिए तकनीकी आधार
ब्रोकरेज के मुताबिक, ये तीनों शेयर मजबूत तकनीकी ब्रेकआउट और मोमेंटम दिखा रहे हैं। चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, HPL Electric में 402 रुपये के आसपास खरीदारी की जा सकती है, जिसके लिए 382 रुपये का स्टॉप लॉस और 435 रुपये का टारगेट तय किया गया है। शेयर ने 200-दिवसीय EMA के ऊपर ब्रेकआउट दिया है, जो इसके ट्रेंड रिवर्सल का संकेत है।
Pearl Global Industries के लिए ब्रोकरेज ने 2050 रुपये का महत्वाकांक्षी टारगेट रखा है। शेयर ने 1750 रुपये के महत्वपूर्ण स्तर को पार किया है, और इसमें वॉल्यूम के साथ लगातार उच्च स्तर बनने का सिलसिला जारी है। वहीं, Wheels India में 1627 रुपये की खरीद कीमत पर 1750 रुपये का टारगेट रखा गया है, जिसके लिए 1545 रुपये का स्टॉप लॉस सुझाया गया है।
बाजार का मिजाज और बड़ा नजरिया
निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि ये सिफारिशें तकनीकी चार्ट और हालिया वॉल्यूम पर आधारित हैं। बाजार में जब भी उतार-चढ़ाव (breaking news) का माहौल होता है, तो मोमेंटम स्टॉक्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले जोखिम प्रबंधन (risk management) और स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है, क्योंकि बाजार की चाल अक्सर बाहरी वैश्विक संकेतों से प्रभावित होती है।
यह क्यों मायने रखता है?
मौजूदा बाजार में, जहां इंडेक्स अपने ऊपरी स्तरों के आसपास संघर्ष कर रहा है, मिड-कैप स्टॉक्स में निवेश का यह पैटर्न निवेशकों के लिए एक अलग रणनीति पेश करता है। जब बड़े कैप स्टॉक्स में सीमित ग्रोथ दिखती है, तब तकनीकी ब्रेकआउट देने वाले ये शेयर पोर्टफोलियो में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि, इन शेयरों में निवेश करने से पहले निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और कंपनी के बुनियादी फंडामेंटल को भी जरूर परखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा करें।
Rohan Gupta covers the economy, markets and companies for PoliticalPedia.